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बंदर का शिकार करके फिर आंखों से ओझल हुई बाघिन

Wed, 07 Oct 2020 02:25 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कैमरे में कैद हुई शिकार को दांत से दबाकर ले जाती बाघिन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सोमवार रात को रबर फैक्टरी में लगे कैमरे में शिकार मुंह में दबाए दिखी बाघिन
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अफसर बोले ऐसे ही लोकेशन मिलती रही तो जल्द पकड़ लेंगे

फतेहगंज पश्चिमी(बरेली)। रबर फैक्टरी के जंगल में मौजूद बाघिन ने सोमवार रात एक बंदर को शिकार बना लिया। मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों ने वहां लगाए कैमरों के फुटेज देखे तो उसमें बाघिन शिकार को मुंह में दबाए साफ नजर आई।
बाघिन ने रबर फैक्टरी के जंगल में पिछले कई महीने से डेरा जमा रखा है। पिछले दिनों वन विभाग की कई टीमें उसे पकड़ने का प्रयास करती रहीं लेकिन कामयाबी नहीं मिली। फिर बरसात के चलते टीम यहां से चली गईं और बाघिन की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम ने वहां कैमरे लगाकर निगरानी शुरू कर दी। तब से लगातार बाघिन लुकाछिपी खेल रही है। मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों ने जब यहां लगे कैमरों के फुटेज निकलवाए तो दो कैमरों में रात करीब तीन बजे बाघिन बंदर का शिकार करके उसे ले जाते हुए नजर आई। इससे पहले भी बाघिन कई जंगली जानवरों का शिकार कर चुकी है लेकिन वन विभाग की टीम उसे पकड़ने में कामयाब नहीं हुई। जब भी वन विभाग की टीम उसे पकड़ने की योजना बनाती है, वह लोकेशन बदलकर योजना को फेल कर देती है।

बाघिन ने एक बंदर का शिकार किया है। कोयला प्लांट में मौजूद मंदिर के पास लगे कैमरों में बाघिन दिखी है। ऐसे ही बाघिन की सटीक लोकेशन बनी रही तो जल्दी ही उसको पकड़ने की योजना बनाई जाएगी। - भरतलाल, डीएफओ

लापरवाही : तीन पहियों का लगाया पिंजड़ा बकरे की चहलकदमी से लुढ़का

मीरगंज/शीशगढ़। क्षेत्र के गांवों में लगातार तेंदुओं की चहलकदमी की सूचना मिल रही है, जिससे लोग दहशत में हैं। मगर वन विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। पहले तो वन विभाग के अधिकारी यहां पर दूसरे तेंदुआ की मौजूदगी से ही इनकार करते रहे और सोमवार को जो पिंजड़ा लगाया उसमें एक पहिया ही नहीं था।
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तीन पहियों वाले इस पिंजड़े में बकरा बांधा गया था, मगर जब बकरे ने इसमें चहलकदमी की तो पिंजड़ा लुढ़क गया। इसी बीच वहां पहुंचे गांव वालों ने पिंजड़ा सीधा किया। गांव वालों का कहना है कि अगर तेंदुआ आ भी जाएगा तो भी इस पिंजड़े में आसानी से नहीं फंसेगा। बता दें कि पिछले दिनों बुझिया गांव में तेंदुआ ने बच्ची उपासना को अपना निवाला बना लिया था। अगले दिन उसका क्षत विक्षत शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ था। इसके बाद वन विभाग ने पिंजड़ा लगाया तो उसमें एक तेंदुआ फंस भी गया। उसके बाद भी गांव वाले वहां एक अन्य तेंदुआ देखने का दावा कर रहे हैं।

सहोड़ा में तेंदुआ की अफवाह

दुनका। मंगलवार को जंगल में बकरी चराने गए सहोड़ा गांव के बच्चों ने जंगल में तेंदुआ देखने का दावा किया है। इससे आसपास के गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर बच्चों के बताए स्थान पर पहुंचे लेकिन वहां कुछ नहीं दिका। मगर इस अफवाह के बाद सहोडा के अलावा लखीमपुर, जगदीशपुर, सुल्तानपुर, गनेशपुर, दुनका आदि गांवों के भयभीत लोग इकट्ठे ही होकर धान की कटाई करने निकले। संवाद
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