हरितालिका तीज की तैयारियों को लेकर सोमवार को दिनभर बाजारों में रौनक रही। आज सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना के लिए निर्जल व्रत रखेंगी। महिलाओं ने शिव-पार्वती की प्रतिमाएं और पूजन सामग्री के साथ सौंदर्य सामग्रियों की खरीदारी की।
पीठाधीश्वर नारायणाचार्य शांडिल्य महाराज बताते हैं कि हरितालिका तीज का पर्व भगवान शिव व माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। इस दिन निर्जल व्रत रखा जाता है, जो तपस्या और आस्था का प्रतीक है। लालगोपालगंज कस्बा समेत आसपास के बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ रही। शृंगार की दुकानों पर चूड़ियां, सिंदूर, मेहंदी, बिंदी और अन्य सुहाग के सामानों की खरीदारी की।