फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मशीनों के सहारे साफ होगी गंगा

Sun, 07 Feb 2016 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा में पर्याप्त मात्रा में जल की चिंता छोड़ केंद्र सरकार मशीनों के सहारे उसकी सफाई पर आमादा है, वह भी तब जब गंगा में जलस्तर कम होने से पहले ही यहां मशीन का प्रयोग असफल हो चुका है। नमामि गंगे योजना में एक बार फिर इलाहाबाद में ट्रैश स्कीमर मशीन भेज दी है लेकिन संगम के पहले दारागंज और वहां से फाफामऊ की ओर इस मशीन से गंगा की सफाई कैसे होगी, यह बड़ा सवाल है क्योंकि इस हिस्से में गंगाजल बेहद कम है।
विज्ञापन

नमामि गंगे योजना में केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई ट्रैश स्कीमर मशीन गहरे जल में तो ठीक से काम करती है लेकिन नदी के जिस हिस्से में जलस्तर कम है, वहां इसे चलाना संभव नहीं है। बीते वर्ष इसी अवधि में केंद्र सरकार ने किराए पर नगर निगम को दो माह के लिए ट्रैश स्कीमर मशीन उपलब्ध कराई थी जिससे संगम के आसपास तो ठीक काम हुआ लेकिन यमुना की मिलनस्थली होने के कारण यहां गंगा में पर्याप्त जल है। इसके बाद शास्त्री पुल से दारागंज होकर फाफामऊ की ओर मशीन बढ़ ही नहीं सकी क्योंकि इस हिस्से में जलस्तर बेहद कम है। ऐसे में दो माह का तकरीबन बावन लाख किराया पानी में चला गया।
लगातार गंगा की निर्मलता का दावा करने वाली केंद्र सरकार गंगा जल की मात्रा बढ़ाने को लेकर गंभीर नहीं है। सिंचाई विभाग के पूर्व अभियंता उमेश शर्मा का मानना है कि गंगा में पूर्व की भांति जल रहे तो काफी हद तक गंदगी अपने आप खत्म हो जाएगी जिसके लिए ऊपर से पर्याप्त मात्रा में जल छोड़े जाने की जरूरत है। 
विज्ञापन

एनजीआरबीए अनुश्रवण समिति के सदस्य कमलेश सिंह का कहना है कि संगम पर यमुना के मिलने के बाद मिर्जापुर की ओर गंगा में जल की स्थिति कुछ ठीक है लेकिन संगम से शास्त्री पुल होकर दारागंज, वहां से फाफामऊ, बमरौली और उसके आगे बेहद दयनीय। जलस्तर कम होने के बावजूद एक बार फिर मशीन मंगाना, सरकार के निर्णय पर सवाल खड़े करती है। बहरहाल अबकी  केंद्र सरकार की एजेंसी इंजीनियर इंडिया लिमिटेड (आईईएल) को यह जिम्मेदारी दी गई है। अब यह वक्त ही बताएगा कि मशीन से गंगा की सफाई किस हद तक सफल रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें