हंडिया के सैदाबाद में जहरीली शराब से 15 लोगों की मौत मामले का मुख्य आरोपी संजय जायसवाल ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस का दावा है कि ताबड़तोड़ दबिश से घबराकर ही उसने सरेंडर किया। वह पिछले तीन महीने से फरार चल रहा था। पुलिस अफसरों का कहना है कि उसके खिलाफ जल्द ही गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
16 मार्च को सैदाबाद के बींद गांव में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। इसके बाद लगातार मौतों की संख्या बढ़ती गई और कुल 15 लोगों की जान चली गई। जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई थी कि गांव में भट्ठे पर बिकने वाली अवैध शराब लोगों के लिए काल बनी। इस मामले में शराब बेचने वाली विमलेश उर्फ ननची देवी को पकड़ा गया तो उसने अहम खुलासे किए।
बताया कि हंडिया के खपटिहा गांव निवासी संजय जायसवाल शराब तस्कर गिरोह का सरगना है जिसके लिए निम्हारा में पोल्ट्री फार्म चलाने वाला दिलीप पटेल निवासी सैदाबाद व विनोद कुमार उर्फ मुन्ना काम करते हैं। जांच पड़ताल में पुलिस को पता चला था कि संजय बाहुबली विधायक का गुर्गा व उसके भतीजे का दोस्त है। वह दिलीप के पोल्ट्री फार्म की आड़ में ही अवैध शराब का धंधा करता था। इस मामले में चारों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने विमेलश देवी व विनोद को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया था लेकिन संजय व दिलीप फरार हो गए थे।
जिसके बाद उनकी तलाश में स्थानीय पुलिस के साथ ही एसओजी टीम को भी लगाया गया। लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान दिलीप कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया। हंडिया इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंंह के नेतृत्व में पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश में लगी रहीं। उसके हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी होती रही। आखिरकार दबाव काम आया और उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एसपी गंगापार मुकदमे की विवेचना पूरी कर जल्द ही उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।