बारा थाना क्षेत्र के अतरसुइया गांव में 28 दिसंबर को जिस किशोर की लाश मिली थी, उसकी 29 दिसंबर को शिनाख्त हो गई। वह मूलत: मेजा के गुरुदत्ता का पूरा, लोटाढ़ गांव का रहने वाला था। इस मामले में 28 दिसंबर को ही नैनी में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें नामजद किए गए आरोपी आकाश तिवारी निवासी सीओडी, छिवकी की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया।
गौरतलब है कि बारा कोतवाली क्षेत्र के अतरसुइया गांव में तालाब किनारे शुक्रवार की सुबह एक 16 वर्षीय किशोर की खून से लथपथ लाश मिली थी। उस वक्त उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। शनिवार को उसकी पहचान अमन वर्मा पुत्र ज्ञानचंद्र वर्मा निवासी गुरूदत्त का पूरा, लोटाढ़, मेजा के रूप में हुई। वह नैनी में किराये का कमरा लेकर पढ़ता था। गत 27 दिसंबर से लापता था। उसके पिता ने तहरीर देकर बताया कि उनके दो बेटे अमन व आर्यन तथा तीसरा लड़का प्रियांशु गुप्ता तीनों चकराना तिवारी, सीओडी छिवकी निवासी कमलेश तिवारी के यहां किराये का कमरा लेकर एक साथ रहते हैं।
वह तीनों अभिनव विद्यालय दांदूपुर में पढ़ते हैं। 28 दिसंबर को अमन के पिता ज्ञानचंद्र बच्चों से मिलने आये तो पता चला कि अमन 27 दिसंबर से गायब है। उन्होंने मकान मालिक कमलेश तिवारी से पूछताछ की तो पता चला कि उन्हें नहीं मालूम। जबकि छोटे बेटे ने बताया कि अमन को कमलेश तिवारी का बेटा आकाश तिवारी उर्फ राहुल तिवारी अपने साथ बुलाकर ले गया था। पिता की तहरीर के आधार पर नैनी पुलिस ने 28 दिसंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। 28 दिसंबर को ही बारा इलाके में उसकी लाश पाई गई थी। शनिवार को शिनाख्त होने के बाद चौतरफा हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर नैनी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि आकाश तिवारी की तलाश में उसके घर समेत विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह मिला नहीं। हत्या की वजह फिलहाल मनबढ़ई मानी जा रही है। जांच की जा रही है।
अमन वर्मा के अपहरण एवं हत्या में आरोपी आकाश तिवारी उर्फ राहुल का नाम सामने आने के बाद एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें वह पिस्टल लिए हुए है। पुलिस के अनुसार वह आपराधिक प्रवृत्ति का है। अमन वर्मा की हत्या के पीछे की वजह भी उसकी आपराधिक मानसिकता मानी जा रही है। हालांकि इस हत्याकांड के पीछे कई अन्य तरह की भी चर्चाएं हैं।