अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद एवं शहीद-ए-आजम भगत सिंह स्मारक समिति की ओर से बृहस्पतिवार को आजाद पार्क में शहीदे आजम भगत सिंह की 111वीं जयंती मनाई गई। उत्तर प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने 21 गन शाट फायर कर सम्मान गारद की ओर से सलामी दी। बाद में पुलिस बैंड की ओर से भी राष्ट्रधुन बजाकर सम्मान प्रकट किया गया। छात्राओं ने गायन वादन नृत्य व लघु नाटिका से अमर शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट किया।मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अशोक कुमार गुप्त ने कहा, आज की चुनौती दोगुनी हो गयी है क्योंकि विदेशी शक्तियों के अलावा आंतरिक चुनौतियां भी बेहद खतरनाक हैं। देश के युवाओं को प्राणपण से तैयार होना है ताकि देश की समृद्धि की बाधाएं दूर हो सकें। कार्यक्रम अध्यक्ष राजू जायसवाल मरकरी ने बताया कि इन्कलाब जिन्दाबाद का नारा आज भी जोश भरता और संघर्ष की प्रेरणा देता है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री डा. नरेन्द्र कुमार सिंह गौर ने कहा, पाठ्यक्रमों में शहीदों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। सुरेश खैरनार अध्यक्ष राष्ट्र सेवा दल ने बताया कि लाहौर में पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि क्त्रसन्ति की ओर जागी तथा छात्र जीवन से भारत नौजवान सभा के जरिए साहस. शौर्य स्वाभिमान संघर्ष से भरपूर गतिविधियां संचालित करने लगे। उन्होंने युवाओं को जंगे आजादी के लिए प्रेरित किया। आरंभ में पूर्व स्वतंत्रता सेनानी लल्लू मरकरी के चित्र पर भी फूल चढ़ाए गए।
संचालन महासचिव राजबहादुर गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर श्याम बिहारी ने किया। कार्यक्रम में सांसद नागेन्द्र प्रताप सिंह, रघु ठाकुर, प्रो0 कृष्ण मुरारी प्रो0 श्रीबल्लभ मिश्र अनिल कुमार अन्नू सादिक हुसैन प्रो0 रमासिंह विशाल गुप्ता अखिल जायसवाल डा0 प्रमोद शुक्ला अतुल राय, बजरंगी सिंह, रेनूराज सिंह, अर्चना शुक्ला, फूलचंद्र दुबे, भागवत प्रसाद बिगुलर प्रो0 ओमदत्त सिंह आदि शामिल थे।
जल संस्थान कर्मचारी यूनियन की ओर से मुट्ठीगंज कार्यालय में संरक्षक राम सिंह की देेखरेख में भगत सिंह को याद किया गया। कार्यक्रम में श्रीचंद्र, प्रदीप गौड़, ज्ञान सिंह, ओम प्रकाश त्रिपाठी,मो अली, सनी कुमार आदि शामिल थे। बाबा राम अधार यादव स्मारक समिति की ओर से हरिश्चंद्र द्विवेदी, संसार सिंह, अमृतमणि यादव, आनंद मणि, पतंजलि योग समिति की ओर से श्याम सुंदर सिंह पटेल, सीएल त्रिपाठी, सूबेदार सिंह आदि जयंती पर भगत सिंह के बलिदान को रेखांकित किया। विभिन्न सभाओं में वक्ताओं ने कहा, हमें उनके जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।