हृदय संबंधी तथा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए राहत की बात है। हार्टअटैक आने की जानकारी भी पहले चल जाएगी। दिल्ली के आईजीआईबी के वैज्ञानिकों ने नए मैटेरियल के साथ बायो सेंसर विकसित किया है, जिसकी मदद से भविष्य में होने वाले हृदयघात का तत्काल पता चल जाएगा। इतना ही नहीं हार्टअटैक, कैंसर आदि की जांच की प्रक्रिया भी आसान तथा कम कष्टकारी होगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित बायोकुंभ-2016 में मंगलवार को वैज्ञानिकों ने बताया कि पहले हृदय रोग की जानकारी के लिए लंबी एवं कई टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब यह काम मिनटों में संभव हो गया है। मैरीलैंड विश्वविद्यालय अमेरिका के वैज्ञानिक ने बताया कि किस तरह से सही मैटेरियल विकसित कर बायो सेंसर बनाए जा सकते हैं जिनकी मदद से कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों की समय रहते जांच संभव होगी। प्रोफेसर एमपी सिंह, डॉ.आशीष सिंह, विनोद वर्मा आदि ने जीन में परिवर्तन से होने वाले लाभ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इससे खाद्यान्न उत्पादन कई गुना बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू भी मौजूद रहे।