तल्ख धूप और लू का आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। इससे संक्रमण व बीमारियां पांव पसारे खड़ी है। प्रचंड गर्मी का सबसे ज्यादा असर त्वचा रोगियों पर पड़ रहा है। कौड़िहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और स्थानीय निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही। इनमें अधिकांश लोग त्वचा रोग, नजला-जुकाम और वायरल बुखार से ग्रसित पाए जा रहे हैं।
मौसम के बदले मिजाज के साथ सुबह से थपेड़े मारतीं गर्म हवाएं लोगों को बीमार कर रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस मौसम में थोड़ी सी असावधानी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। खासतौर से त्वचा रोगियों के लिए यह तल्ख धूप बेहद खतरनाक साबित हो रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि लू से बचने के लिए केवल दवाएं काफी नहीं हैं, बल्कि सावधानी बरतना सबसे ज्यादा जरूरी है। शरीर में किसी भी प्रकार के लक्षण प्रतीत होते डॉक्टर को दिखाएं।
- प्यास न लगने पर भी दस-दस मिनट में पानी पीते रहें ताकि शरीर में हाइड्रेशन बना रहे।
- बाजारी पेय पदार्थ से बचें, ओआरएस घोल, छाछ, मट्ठा, नींबू पानी का इस्तेमाल करें।
- धूप में निकलते समय हमेशा हल्के रंग के सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें।
-जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले, सिर को गमछा और टोपी जरूर ढंकें
- गर्मी को देखते हुए अस्पताल में ओआरएस और जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लू की चपेट में आने से बचने के लिए देसी नुस्खों और एहतियात को प्राथमिकता दें। शरीर में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर को दिखाएं। - डॉ. अमरेश वर्मा, अधीक्षक, सीएचसी कौड़िहार।