याचियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई जिस गैंग चार्ट के आधार पर की गई थी, उसमें किसी पर हस्ताक्षर करने की तारीख का उल्लेख नहीं था तो किसी पर प्राथमिकी दर्ज करते लगाई गई धाराओं को अंकित नहीं किया गया था। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सक्षम प्राधिकारियों को याचियों के संबंध नए सिरे से आदेश पारित करने छूट प्रदान की है। साथ ही प्रदेश सरकार को पूर्व में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन कराने के लिए इस आदेश की प्रति 24 घंटे में प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव न्याय के साथ ही सीएम को भी भेजने का आदेश दिया है।