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घोटाले करने में मोदी सरकार भी पीछे नहीं

Mon, 06 Feb 2017 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यूपीए सरकार भ्रष्ट थी तो बीजेपी सरकार भी कम नहीं है। राफेल सौदा अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। सरकार ने अनिल अंबानी की कंपनी को ही इसका ठेका दे दिया जबकि टूजी मामले में उन पर आरोप लगे हैं। यह कुल 29 हजार करोड़ का स्कैम है। हकीकत यह है कि मोदी सरकार की उद्योगपतियों के साथ सांठगांठ है। सरकार ने कालेधन को बढ़ावा दिया। नोटबंदी से भ्रष्टाचार कम करने का दावा गलत है, इससे किसी को नुकसान हुआ है तो वह आम आदमी है। स्वराज अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने रविवार को एक संगोष्ठी में मोदी सरकार पर यह गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने निजीकरण, भ्रष्टाचार पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया तो यूपी चुनाव में बीजेपी को वोट न देने की अपील भी की।
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 संगठन की प्रदेश इकाई की ओर से साउथ मलाका स्थित प्रयाग संगीत समिति में ‘कालाधन एवं भ्रष्ट राजनीति आखिर कब तक ?’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में प्रशांत ने कहा कि नोटबंदी से कुछ हासिल नहीं हुआ लेकिन अर्थव्यवस्था जरूर डंवाडोल हो गई। लोगों की नौकरियां चली गईं। कई ने आत्महत्या कर ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली बीजेपी की सरकार में ही अब तक का सबसे बड़ा घोटाला राफेल रक्षा सौदे के रूप में हुआ। सरकार की चहेती कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। आरोप लगाया कि सिंगापुर की चार फर्जी कंपनियों द्वारा मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी को करोड़ों रुपये भेजे गए लेकिन उसकी जांच तक नहीं कराई गई। उल्टे मोदी जी मुकेश अंबानी की कंपनी जियो का प्रचार करने लगे और अनिल अंबानी की एक साल पहले बनी कंपनी को 48 हजार करोड़ रुपये का राफेल सौदा दे दिया।

प्रशांत ने कोयला खदानों के निजीकरण को देशहित के लिए खतरनाक बताया। कहा कि निजीकरण के बहाने देश की खदान समेत विभिन्न संपत्तियों पर पूंजीपतियों का कब्जा हो गया है। औद्योगिक घरानों के पास संपत्ति आई तो उन्होंने नेताओं और अफसरों को अपनी जेब में कर लिया। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए उन्होंने लोकपाल की मांग की लेकिन मोदी सरकार ने इसका गठन नहीं करने दिया। उन्होंने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में पार्टिसिपेटरी नोट्स को प्रतिबंधित करने की सलाह दी थी। मगर इसे नहीं माना गया। ताज्जुब है कि भारत में ज्यादातर विदेशी निवेश टैक्स हैवन कहे जाने वाले स्विटजरलैंड, मॉरीशस जैसे छोटे देशों से हो रहा है। इस पैसे पर लगाम लगनी चाहिए।
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आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकतांत्रिक, शैक्षणिक और भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं को निर्जीव बनाने का काम कर रही है। सीवीसी की कमान भ्रष्ट अधिकारियों को सौंप दी। सीबीआई का डायरेक्टर गुजरात के जूनियर अफसर को बना दिया। यूपी के चुनाव पर कहा कि बीजेपी को छोड़कर ईमानदार और छोटे दलों के प्रत्याशियों को वोट दें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कमिश्नर बादल चटर्जी एवं रामधीरज ने की। इस दौरान अखिलेंद्र प्रताप, संगठन की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव, अरविंद पांडेय, एहतेशाम सूफी रसूल, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।    

भूषण ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नए बजट में राजनीतिक पार्टियों को कैश देने की सीमा 20 हजार से घटाकर दो हजार रुपये कर दी है।  यह सिर्फ जुमला है। दूसरे इलेक्टोरल बांड जारी किए जाने की बात है, जिससे पारदर्शिता ही खत्म होगी। अब लोग जान नहीं पाएंगे कि किसने पार्टी को चंदा दिया। कहा कि राजनीतिक पार्टियों को आरटीआई के दायरे में लाना होगा।
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