गांव औनपुरा में लाखों की चोरी
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इलाहाबाद। वाणिज्य कर विभाग ने त्योहारों के मद्देनजर फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) का व्यापार करने वाली फर्मों पर सख्ती कर दी है। कर चोरी के मद्देनजर ऑनलाइन शॉपिंग वाले गोदामों, कुरियर, ट्रांसपोर्टरों के साथ विभिन्न तरह का कारोबार करने वाले व्यापारियों के गोदामों एवं आपूर्ति केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे व्यापारियों के लिए विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) एवं सचल दल पांच अक्तूबर से गहनता से जांच शुरू कराने जा रहा है। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम के आदेश के बाद प्रदेश में सभी जोन के एडीशनल कमिश्नर ग्रेड टू (एसआईबी) ने इसके लिए तैयारी भी कर ली है।
दशहरा और दीपावली के दौरान विभिन्न कंपनियों की ओर से बिक्री बढ़ाने के उद्देश्य से उत्पादों पर स्कीम घोषित की जाती है। इसके साथ चारपहिया एवं दुपहिया वाहन, इलेक्ट्रानिक्स वस्तुओं, किराना, मेवा, मिठाई, रेडीमेड कपड़े, बर्तन, गिफ्ट आइटम समेत अन्य एफएमसीजी वस्तुओं की खरीद-बिक्री अन्य महीनों की अपेक्षा दशहरा-दीपावली पर ज्यादा होती है। इसी तरह गोदामों में पटाखों, कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउस में किराना, मेवा आदि का भंडारा होता है। इस सीजन में आवक बढ़ने पर कर की चोरी भी बड़े पैमाने पर होती है। इसके मद्देनजर वाणिज्य कर कमिश्नर ने सभी एडिशनल कमिश्नरों को पांच अक्तूबर तक विशेष जांच अभियान चलाने का फरमान जारी किया है।
आदेश में बैंक, डाकघरों में सोने की बिक्री, पार्सल के जरिए सोना, बुलियन मंगाए जाने की सूचना एकत्र करने के साथ कर चोरी की जांच करने तथा अन्य तरह के उत्पादों के थोक व्यापारियों की जांच एवं कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस के संबंध में सूचना एकत्र कर जांच को कहा है। ऑनलाइन शॉपिंग के मद्देनजर कुरियर कंपनियों, उनके गोदामों, ट्रांसपोर्टर, स्टाकिस्टों के गोदामों की गहन जांच करने का आदेश दिया है। यह अभियान पांच नवंबर तक चलेगा। साथ ही इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजने को भी कहा है।