शुक्रवार की सुबह सीएनआई के लखनऊ डायोसेशन के विशप हाउस और सेंट जोसेफ चर्च में मिस्सा बलिदान की प्रार्थना हुई। सैकड़ों की संख्या में मसीही समुदाय के लोगों ने मास्क लगाकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए प्रार्थना की और प्रभु यीशु के बाल रूप का गोशाला की झांकियों में दर्शन किया। सेंट पॉल चर्च में पादरी सैमुएल पी लाल ने प्रार्थना कराई।
उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु सबके कल्याण के लिए धरा पर अवतरित हुए हैं। यह दिन सबके लिए खुशी और प्रेम बांटने का है। उधर, सेंट जोसेफ चर्च में पल्ली पुरोहित हेराल्ड टारो, स्टीवन मनोज, पादरी अनिल माइकल, पादरी जार्ज, केविल प्रधान, जोसेफ मास्कारेनेस ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कराई। चर्च परिसर में गोशाला के बीच बाल रूप यीशु की मनमोहक झांकी हर किसी का ध्यान खींचती रही। झांकी दर्शन के लिए देर रात तक लोग पहुंचते रहे।
इसी तरह म्योराबाद चर्च में पुरोहित प्रवीण मसीह ने मिस्सा बलिदान की प्रार्थना के बाद कहा कि जिस तरह बारिश की बूंदे, सूरज का प्रकाश सबके लिए है, उसी तरह प्रभु यीशु का प्रेम और आशीष सभी प्राणियों के साथ है। इस दौरान कैरोल सांग पर बच्चे, महिलाएं झूमते रहे। शाम को सिविल लाइंस स्थित बिशप हाउस से लेकर पत्थर गिरजाघर तक यीशु के जन्म की खुशियों को यादगार बनाने के लिए लोग कोरोना संक्रमण की परवाह किए बगैर निकले। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बड़ों ने गिरजाघर के चारों तरफ कैंडल जलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। भीड़ बढ़ने की वजह से पुलिस को पत्थर गिरजा जाने वाले रास्तों पर वाहनों का आवागमन रोकना पड़ा।
मंडलयुक्त पहुंचे सेंट जोसेफ चर्च और नाजरेथ
मंडलायुक्त आर रमेश कुमार ने शुक्रवार की शाम नाजरेथ अस्पताल परिसर के अलावा सेंट जोसेफ चर्च में प्रभु यीशु की झांकी देखी। इस दौरान उन्होंने नाजरेथ अस्पताल की सजावट की तारीफ की। गोशाला के दृश्य के साथ ही तारे और बाल रूप में प्रभु यीशु की झांकियां हर किसी का ध्यान खींचती रहीं। इस मार्ग पर भी भीड़ लगने से यातायात प्रभावित रहा।
पत्थर गिरजाघर पर आस्था का मेला, सेल्फी लेने की होड़
प्रयागराज। पत्थर गिरजाघर पर भीड़ की वजह से मेले जैसा मंजर बना रहा। सिर्फ खाने, पीने के व्यंजनों, खिलौनों और चाट-पकौड़े के स्टाल नहीं लगे थे, लेकिन वहां उत्साह और खुशियों की रंगत पहले से कुछ ज्याजा ही चटख दिख रही थी। परिवार के साथ आए लोग गिरजाघर के सामने कैंडल जलाने के साथ ही सेल्फी लेने के लिए आतुर रहे।