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Prayagraj News: डीएम को बुलाने व लिखित आश्वासन की मांग करते रहे परिजन

Sat, 21 Feb 2026 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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रोशनी की मौत के बाद परिजनों को समझा बुझाकर पुलिस राजमार्ग से तो हटा दी। लेकिन इसके बाद परिवार वाले उसका शव लेकर सीएचसी परिसर में पहुंच गए। वह मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने और मुआवजा सहित अन्य मांग को लेेकर लिखित आश्वासन दिए जाने की मांग कर रहे थे।
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मृतका के पति द्वारा एक शिकायती पत्र पुलिस को दिया गया। इसमें नसबंदी में लगे चिकित्सक, स्टॉफ नर्स के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी के साथ मृतक आश्रित को पचास लाख रुपये मुआवजा, जिसमें दस लाख रुपये तत्काल और पांच विस्वा जमीन आवंटित किए जाने की मांग थी।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार करछना बृजेश कुमार व एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने एफआईआर दर्ज करने तथा मुआवजे के लिए शासन को पत्र लिखकर उसके दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन वह मामले में लिखित आश्वासन और मौके पर डीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे। काफी देर तक समझाने बुझाने के बाद वह अपनी जिद पर अड़े थे।
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परिजनों का आरोप था कि शव हटाए जाने के बाद किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। चिकित्सकों को बचाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदल दी जाएगी। साथ ही फिर मुआवजा के लिए परिवार वाले दर-दर भटकेंगे। करीब एक घंटे बाद परिजन फिर से शव लेकर राजमार्ग जाम करने के लिए बढ़े तो पुलिस कर्मियों ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें रोक लिया। फिर से बातचीत कर उन्हें समझाए जाने का प्रयास किया गया। लेकिन रात नौ बजे तक वह सीएचसी परिसर में ही डटे रहे। संवाद
एंबुलेंस चालक के साथ हाथापाई
रोशनी की मौत के बाद एंबुलेंस चालक शव लेकर वापस सीएचसी पहुंचा तो यहां नसबंदी के लिए लगाया गया स्टॉफ नहीं था। वहीं अस्पताल का स्टॉफ मृतका के साथ पहुंची भीड़ के आक्रोश को देखते हुए हट गया। इसके बाद लोगों ने एंबुलेंस चालक के साथ हाथापाई की। हालांकि वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच बचाव कर एंबुलेंस चालक को बचाकर वहां से हटाया।
अस्पताल में स्टॉफ नदारद होने पर परिजन शव लेकर रीवा राजमार्ग पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। वहीं परिजन एसआरएन जाने की वजाय रोशनी को लेकर रामबाग स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे थे। दुबारा शव लेकर रीवा राजमार्ग पर जाने के दौरान एसीपी और परिवार वालों से नोकझोक हुई, हालांकि परिजन अपनी मांग को लेकर डटे रहे। वहीं पुलिस को हंगामे का पहले से अंदेशा था।
मृतका रोशनी के दो बच्चे परिजनों की गोद में मायूस दिखाई पड़े। कभी चाचा तो कभी पिता की गोद में अपनी मां को ही निहार रहे थे। बड़ा बेटी कीर्तिका चार साल और छोटा बेटा कार्तिक डेढ़ साल का है। मृतका का मायके नैनी के गंजिया में है।
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