क्षेत्र में बिजली विभाग के कर्मचारियों के बड़े कारनामे देखने को मिल रहे हैं। एक परिवार चार महीने से दिल्ली और मुंबई से कमाने गया था। जब परिवार चार माह माह बाद घर वापस आता है तो बिजली का बिल देखकर उसके होश उड़ जाते हैं।
लालापुर के चकसूचेर गांव के उमाकांत शर्मा ने बताया की चार माह से उनका परिवार मुंबई गया था। जब घर वापस आया तो एक माह का बिल देखकर हैरान हो गया। जनवरी माह में 550 यूनिट का बिल बना दिया। जब उपकेंद्र के कर्मचारियों से संपर्क किया तो बिल संशोधन की बात करने लगे। उधर, महेरा के राम भवन ने बताया की बीते 25 सितंबर में उसका बिल 1750 रुपये आया। 26 फरवरी को बिल 35 हजार रुपये आ गया। जेई शिवधर यादव ने बताया की जिनका बिल गलत बना है, उनके मीटर की रीडिंग देख संशोधन किया जा रहा है।