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मेला प्रशासन ने स्वामी वासुदेवानंद को नहीं माना ज्योतिष्पीठाधीश्वर, स्वरूपानंद को मिली जमीन

Sun, 03 Jan 2021 11:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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prayagraj news : शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती। - फोटो : prayagraj
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महीने भर की लंबी खींचतान के बाद आखिरकार मेला प्रशासन ने जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद को ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में संगम की रेती पर बसने के लिए मान्यता नहीं दी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के रूप में द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को भूमि आवंटित कर दी गई। इसी के साथ मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि को लेकर विवाद खत्म हो गया है। साथ ही द्वारिका और शृंगेरी पीठ के शंकराचार्यों को भी भूमि आवंटित कर दी गई।

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माघ मेला में ज्योतिर्मठ हिमालय के ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का शिविर लगेगा। मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि के लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दोनों ने दावा किया था। फिलहाल ज्योतिष्पीठाधीश्वर का विवाद मौजूदा समय कोर्ट में विचाराधीन है। इस संबंध में पूर्व के कोर्ट के आदेशों के अनुपालन और पिछले वर्ष के माघ मेले के आवंटन के आधार पर इस बार भी मेला प्रशासन ने ज्योतिष्पीठ को लेकर निर्णय लिया।

शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज
रविवार की सुबह प्रभारी मेलाधिकारी और मेला प्रबंधक यमुना के सरस्वती घाट स्थित मनकामेेश्वर मंदिर पहुंचे। वहां द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के मेला प्रतिनिधि स्वामी श्रीधरानंद महाराज से भूमि आवंटन पर चर्चा की। इसके बाद श्रीधरानंद व मनकामेश्वर मंदिर अन्य संतों के साथ मेला अफसर त्रिवेणी मार्ग पर पहुंचे। वहां ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के नाम से 200 गुणे 200 वर्गफीट भूमि की नापी कराकर आवंटन किया गया। इसके साथ ही द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य की भूमि भी स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को आवंटित की गई।
 
  • माघ मेला में भूमि आवंटन से एक बार फिर प्रमाणित हो गया है कि ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ही हैं। अब इस मसले पर स्वामी वासुदेवानंद महाराज को अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए। श्रीधरानंद, शंकराचार्य स्वरूपानंद के मेला शिविर प्रभारी।
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

भूमि आवंटन पर अनभिज्ञता जताई

राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के प्रवक्ता ओंकारनाथ त्रिपाठी ने ज्योतिष्पीठ के भूमि आवंटन पर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन को ज्योतिष्पीठ के भूमि आवंटन के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन फिलहाल मेला अफसरों से उनकी बात नहीं हो सकी है। इस मसले पर वह सोमवार को अफसरों से बात करेंगे। 
 

पुरीपीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद को त्रिवेणी मार्ग पर मिली भूमि 

गोवर्धन पुरी पीठ को लेकर भी भूमि आवंटन का विवाद सुलझा लिया गया है। त्रिवेणी मार्ग पर ही पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद का शिविर लगेगा। त्रिवेणी मार्ग की दक्षिण पटरी पर उनके नाम भूमि आवंटित की गई है। पुरी पीठ की भूमि पर दावा करने वाले स्वामी अधोक्षजानंद को उनके व्यक्तिगत नाम से भूमि आवंटित की गई है।
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