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लॉकडाउन में बढ़ी कटियामारी

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लॉकडाउन में कटियामारों की बहार आ गई है। कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन में एक तरफ जब सारे उद्योग और छोटे कामधंधे भी ठप हैं, तब फीडरों पर लोड दो गुना से अधिक बढ़ गया है। इस वजह से ट्रांसफारमर जलने लगे हैं। जांच ठप होने और बिजली विभाग की टीम न निकलने की वजह से गर्मी शुरू होते ही कई इलाकों में कटियामारी चरम पर पहुंच गई है। कहा जा रहा है कि यही हाल रहा तो अगले दो महीनों में करोड़ों की चपत लगने से इंकार नहीं किया जा सकता।
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सर्वाधिक लाइन लॉस वाले इलाकों में इन दिनों फीडरों पर लोड बढ़ गया है। करेलाबाग, करेली, रामबाग व कल्याणी देवी इलाकों में ताबड़तोड़ ट्रांसफारमर जलने और लाइन ट्रिप होने की सबसे बड़ी वजह कटियामारी बताई जा रही है। लॉकडाउन में इन दिनों जहां घरों से निकलने की भी मनाही है और न आइस फैक्ट्री चल रही है न आटा चक्कियां। तब, फीडरों पर लोड नहीं संभल पा रहा है। अटाला में पिछले हफ्ते भर में तीन ट्रांसफारमर जल गए हैं। इसी तरह करेली, कल्याणी देवी और रामबाग में भी ट्रांसफारमर जलने शुरू हो गए हैं। दिन भर में बार-बार लाइनों पर ट्रिपिंग हो रही है। अफसरों का कहना है कि लॉकडाउन में प्रवर्तन दल की जांच और छापेमारी पूरी तरह बंद है। कनेक्शन भी नहीं काटे जा रहे हैं।
ऐसे में लाइन लॉस वाले दो सौ से अधिक फीडरों पर बिजली चोरी बढ़ी है। कटियामारी पर अंकुश लगाना इसलिए भी संभव नहीं हो पा रहा है, क्योंकि बिजली विभाग की टीम बिना पास के नहीं निकल सकती। साथ ही कोरोना संक्रमण की वजह से भी कनेक्शन न काटने के साथ ही जांच स्थगित रखने के लिए कहा गया है। ऐसे में लोग मीटर बाइपास व केबल क्रास करने के साथ कटियामारी कर एसी, फ्रीज धड़ल्ले से चला रहे हैं।
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इन दिनों सारी गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं। जांच टीमें नहीं निकल रही हैं। इसका फायदा कटियामार उठा रहे हैं। बिजली चोरी बढ़ने से ही फीडरों पर भार अधिक हो रहा है और लाइनें ट्रिप कर जा रही हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद इसे देखा जाएगा। -ओपी सिंह यादव, मुख्य अभियंता
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