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शर्तों के साथ शुरू होंगे घरों में रुके निर्माण कार्य

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लाकडाउन की वजह से घरों के रुके तथा अन्य निर्माण कार्य अब शुरू हो सकेंगे। सरकार ने कुछ पाबंदियों के साथ सोमवार से निर्माण कार्य की अनुमति दी है। इसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
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भवन तथा अन्य निर्माण के लिए ईंट, सीमेंट आदि की भी कमी नहीं होगी। ईंट बनाने का काम शुरू हो गया है। सरकार ने आवश्यक सेवाओं के अलावा 11 क्षेत्रों में कारखानों में उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी है। सोमवार से संबंधित क्षेत्र के कारखाने खुल जाएंगे। इनमें सीमेंट उद्योग भी शामिल है। इसके अलावा गिट्टी और बालू के खनन की अनुमति भी मिल गई है। सरकार की गाइडलाइन जारी होने के बाद शनिवार को बैठक में खनन शुरू करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग पर चर्चा हुई। यहां गिट्टी और सिलिका सैंड के 80 पट्टे हैं। इन पर सोमवार से खनन शुरू होगा। इनके अलावा दो जगहों पर बालू खनन शुरू हो जाएगा। सरकार ने माल वाहनाें को भी चलाने की अनुमति दे दी है। खनन विभाग के अफसरों का कहना है कि इनके लिए अलग से किसी पास की भी जरूरत नहीं होगी। रवन्ना के आधार पर ही वाहनों को गंतव्य तक जाने दिया जाएगा।
प्रशासन से लेनी होगी अनुमति
किसी भी तरह के निर्माण के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। निर्माण की अवधि आदि का पूरा विवरण देना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि मजदूर आसपास से ही आएंगे। दूर क्षेत्र से नहीं आएंगे। उनके बारे में भी जानकारी देनी होगी। वहीं अपार्टमेंट तथा सरकारी विभागों के कार्यों में मजदूरों को कार्यस्थल पर रखने की भी व्यवस्था करनी होगी। उनके खाने-पीने रहने आदि की व्यवस्था कार्यस्थल पर ही होनी चाहिए। पूरा इलाका सैनिटाइज भी होना चाहिए।
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चार हजार से अधिक मजदूरों को मिलेगा काम
निर्माण कार्य शुरू होने से चार हजार से अधिक मजदूरों को काम मिलेगा। श्रम विभाग की ओर से शनिवार तक करीब 3900 प्रवासी मजदूरों के डिटेल भारत सरकार को भेज दिए गए हैं। इनमें 2500 से अधिक मजदूर भट्टों तथा विभिन्न निर्माण कार्यों में लगे हैं। इन्हें निर्माण कार्य शुरू होते ही काम मिल जाएगा। इनके अलावा बड़ी संख्या में अन्य मजदूरों को भी काम मिलेगा।
मोबाइल ऐप पर अपडेट कर सकते हैं बैंक खाता का विवरण
गांव-गांव के सर्वे के बावजूद श्रम विभाग में पंजीकृत जिले के करीब 10 हजार मजदूराें का बैंक खाता नंबर अभी तक अपडेट नहीं हो सका है। मंडल के अन्य जिलों में भी हजारों मजदूरों के खाते अपडेट नहीं हुए हैं। इसकी वजह से ये श्रमिक प्रदेश सरकार की एक हजार रुपये की आर्थिक मदद की योजना से वंचित हैं। इसे देखते हुए श्रम विभाग की ओर से upbocw नाम से मोबाइल ऐप लांच किया है। इसमें श्रमिक अपना बैंक खाते अपडेट करके योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उपायुक्त श्रम राकेश द्विवेदी ने बताया कि इसके लिए गूगल प्ले से मोबाइल पर पहले यह एप डाउनलोड करना होगा। उसके खुलने पर विवरण सत्यापन के लिए निर्धारित कालम में मोबाइल नंबर, पंजीयन संख्या भरनी होगी। फिर मोबाइल पर ओटीपी पहुंचेगा। उसे निर्धारित कॉलम पर डालने श्रमिक के विवरण वाला पेज खुल जाएगा। इस पर आधार कार्ड नंबर सत्यापित करना होगा।
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