जानकारी न देने पर जताई नाराजगी
अदालत ने कहा कि जब अग्रिम जमानत अर्जियों के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है तो क्यों नहीं मुहैया कराई जा रही है। दोनों दरोगाओं ने बाद में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया तो अदालत ने उन्हें छोड़ दिया। उधर, मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि की ओर से एसएसपी प्रयागराज को पत्र लिखकर जिला जज के आदेश का अनुपालन कराने को कहा गया है।
पत्र में लिखा गया है कि न्यायालय में प्रस्तुत की जाने वाली ऐसे अग्रिम जमानत अर्जियों, जिनमें सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, उसमें यह जानकारी मुहैया कराने का प्रबंध करें कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है या नहीं।