उपनिबंधक को भी निबंधक के
समान आदेश देने का अधिकार
सहकारी समिति के विवाद में हाईकोर्ट ने हिंदी में सुनाया निर्णय
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम की धारा 128 के तहत उपनिबंधक को भी निबंधक के समान आदेश पारित करने का अधिकार प्राप्त है। उपनिबंधक को शासन की अधिसूचना 24 जून 1969 और 26 जुलाई 2006 के तहत निबंधक की शक्तियां प्राप्त हैं। इसलिए प्रबंध समिति को लेकर पैदा हुए किसी विवाद की शिकायत होने पर उपनिबंधक को आदेश पारित करने और प्रबंध समिति के आदेश को रद़्द करने का अधिकार प्राप्त है।
नीरज कुमार और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने यह आदेश दिया। इस फैसले की विशेष बात यह है कि पूरा निर्णय हिंदी में लिखाया गया है। मामले के अनुसार सधन सहकारी समिति लिमिटेड बीरन, विकास क्षेत्र देवबंद सहारनपुर के सभापति ने याचिका दाखिल कर उपनिबंधक सहकारिता सहारनपुर मंडल के 13 सितंबर 2019 के आदेश को चुनौती दी थी। उपनिबंधक ने समिति के पूर्व सभापति बाबूराम त्यागी के शिकायती पत्र पर संज्ञान लेते हुए समिति के तीन सदस्यों द्वारा बैठक कर सभापति को समिति की सदस्यता और अध्यक्ष पद से हटाने के निर्णय पर रोक लगा दी। याचिका में यह कहते हुए चुनौती दी गई उपनिबंधक को ऐसा आदेश पारित करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि नियम 128 में यह शक्ति निबंधक के पास है। कोर्ट ने कहा कि उपनिबंधक के आदेश में कोई अवैधानिकता नहीं है।