The decision to impose excise tax on super kerosene oil is correct
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सुपर केरोसिन ऑयल को एक्साइज के तहत आने वाली वस्तु स्वीकार करते हुए इसके लिए टैक्स वसूलने के निर्णय को सही करार दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस आधार पर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की सबका विश्वास योजना 19 के तहत कर छूट समाधान का लाभ नहीं दिया जा सकता है। सेंट्रल एक्साइज विभाग की डेजिगनेटेड कमेटी ने सुपर कैरोसीन आयल को शेड्यूल चार में शामिल होने के आधार पर 2.97 करोड़ रुपये टैक्स लगाया है। इस पर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने केंद्र सरकार की सबका विश्वास योजना के तहत कर में छूट देने की मांग की थी। एक्साइज विभाग ने योजना का लाभ देने से इंकार कर दिया। जिसे याचिका में चुनौती दी गई थी। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डॉ. वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने इंडियन ऑयल कार्पोरेशन की याचिका पर दिया है।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि सुपर कैरोसीन आयल एक्साइज कमोडिटी नहीं है। इसलिए उस पर टैक्स नहीं लगेगा। एक अप्रैल 2002 से 31 मार्च 2005 तक का टैक्स 2.97 करोड़ रुपये जमा नहीं किए गए हैं। कार्पोरेशन का कहना था कि उसकी देनदारी नहीं बनती है। सेंट्रल एक्साइज विभाग के अधिवक्ता गौरव महाजन का कहना था कि सुपर केरोसीन आयल शेड्यूल चार में शामिल हैं, जिस पर एक्साइज ड्यूटी लगती है। ऐसे में कार्पोरेशन को सबका विश्वास योजना का लाभ नहीं मिल सकता। कमेटी ने प्रक्रिया का पालन करते हुए विधि सम्मति आदेश दिया है। जिसपर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।