The dead body was burnt by the lover after killing the kidnapped girl
प्रयागराज। दारागंज से चार साल पहले गायब रचना शुक्ला (20) की उसके ही प्रेमी ने हत्या कर शव जला दिया था। यह सनसनीखेज खुलासा करते हुए एसटीएफ ने आरोपी प्रेमी व उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर समेत दो कार व अन्य चीजें बरामद की हैं।
2016 में वेणीमाधव मंदिर गली निवासी रचना संदिग्ध हाल में गायब हो गई थी। जिसके बाद मां उमा शुक्ला ने बख्शी निवासी सलमान व उसके कुछ साथियों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। एसटीएफ ने बताया कि जांच में पता चला कि प्रतापगढ़ के हथिगवां में कौशाम्बी से बनारस जाने वाले हाईवे के किनारे 17 अप्रैल 2016 की सुबह अज्ञात युवती का अधजला शव मिला था। जिसमें दर्ज मुकदमे का खुलासा नहीं हो सका। शव रचना का ही होने की आशंका थी ऐसे में नामजद अभियुक्तों की तलाश की जा रही थी।
मुखबिर की सूचना पर रविवार रात सलमान पुत्र साजिद उर्फ लल्लन और लकी पाण्डेय उर्फ लकी पण्डा निवासी मीरागली को पकड़ा गया। सख्ती से पूछताछ मेें सलमान ने बताया कि घटना वाले दिन उसने अपने साथियों लकी पण्डा, ममरे भाई अंजफ के साथ मिलकर गला काटकर रचना की हत्या कर दी थी। साथ ही शव को नवाबगंज बाईपास से कुछ दूर हाईवे पर ही पेट्रोल डालकर जलाने के बाद फेंककर भाग आए थे। लगभग 10 दिन पहले रचना की मां ने हाईकोर्ट में रिट की थी, उसी संबंध में आपस में वार्ता के लिए सभी इकट्ठा हुए थे।
इसलिए की थी हत्या
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ मेें सलमान ने बताया कि 2015 में दोस्ती होने के बाद उसने स्कूटी खरीदकर रचना को दी थी। हालांकि रचना उसे अपने नाम कराना चाहती थी, जिस बात पर दोनों में झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने छेड़छाड़ का केस भी लिखवाया और आए दिन बेइज्जत करने लगी। इसी को लेकर उसने उसे खत्म करने की साजिश रची और इसके लिए दोस्त लकी व ममेरे भाई अंजफ को भी तैयार कर लिया। प्लान के मुताबिक बातों में फंसाकर उसने रचना से फिर दोस्ती गांठ ली। 16 अप्रैल को मिलने आने पर उसकी स्कूटी प्रयाग स्टेशन के वाहन स्टैण्ड में खड़ी कर वह उसे बाइक से अपने मकान के बेसमेंट में बने लॉज के कमरे में ले गया। वहां लकी व अंजफ को देख शक होने पर रचना ने भागने की कोशिश की। जिस पर हाथपैर बांध कर चाकू से उसका गला काट दिया। फिर मामा शरीफ की मदद से लाश को बोरे में भरकर फार्च्यूनर मेें लादा और इसे नवाबगंज हाइवे से करीब 18-20 किमी दूर फेंककर भाग आ। फिर दोबारा वहां जाकर पेट्रोल छिड़क कर बोरे में आग लगा दी। ऐसा पहचान छिपाने के लिए किया।