Tempo driver was killed young man, two friends in custody
प्रयागराज। धूमनगंज में शेरवानी मोड़ से सूबेदारगंज जाने वाले रास्ते पर मौत के घाट उतारा गया युवक नैनी निवासी टेंपो चालक संजय (35) था। वह 18 जनवरी की सुबह घर से निकला था और फिर नहीं लौटा। घरवालों के शक जताने पर पुलिस ने उसे घर से बुलाकर ले जाने वाले दो दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
धूमनगंज में शेरवानी मोड़ से सूबेदारगंज जाने वाले रास्ते पर 19 जनवरी को झाड़ियों में 35 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिला था। शव की हालत देखकर आशंका जताई गई कि सिर पर भारी चीज से वारकर हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के लिए ईंट-पत्थर से चेहरा कूंच दिया गया। काफी मशक्कत के बाद भी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। जिसके बाद पुलिस ने शव मर्चरी भेजवा दिया था। उधर सोमवार को मर्चरी पहुंचे परिजनों के पहचान करने के बाद पता चला कि मृतक नैनी निवासी टेंपो चालक संजय पुत्र रामसखा था। उमरगंज, भड़रा का रहने वाला संजय टेंपो चलाता था। मर्चरी पहुंची पत्नी कविता ने बताया कि रोज की तरह 18 जनवरी की सुबह नौ बजे के करीब वह पैदल ही घर से निकला था। उसे गांव में ही रहने वाले दोे लोग बुलाकर ले गए थे। परिवारवालों ने बताया कि घर से बुलाकर ले जाने वाले एक युवक से कुछ दिन पहले संजय का झगड़ा हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत मेें ले लिया। सूत्रों का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस इस बारे में आधिकारिक रूप से सिर्फ यही कह रही है कि जांच की जा रही है।