इलाहाबाद(ब्यूरो)। गंगा, यमुना के जलस्तर में लगातार चौथे दिन भी कमी दर्ज की गई। रविवार को गंगा का जलस्तर जहां 83.33 मीटर रिकार्ड किया गया वहीं यमुना 82.99 मीटर पर आ गईं हैं। गंगा फाफामऊ में 24 घंटों में 1.40 मीटर घटी हैं जबकि यमुना के जलस्तर में 1.34 मीटर की कमी आई है। दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार गिरावट होने से बाढ़ राहत शिविरों से शरणार्थी अपने घरों को जा रहे हैं। यमुना के बाढ़ग्रस्त इलाकों में बनाए गए राहत शिविरों को शनिवार को ही बंद कर दिया गया है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह नदियां पांच सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से घट रही हैं। यमुना के जलस्तर में कमी होने से करेली, करेलाबाग, गौसनगर समेत तमाम मुहल्लों के बाढ़ग्रस्त इलाकों के लोगों के लिए बनाए गए शिविर चेतना गर्ल्स इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज मीरापुर, जमुना क्रिश्चियन कॉलेज, करेलाबाग प्राईमरी स्कूल राहत शिविर खाली हो चुके हैं जबकि गंगा के बाढ़ग्रस्त इलाकों में बनाए गए महबूब अली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ऋषिकुल इंटरमीडिएट कॉलेज, एनी बेसेंट इंटर कॉलेज समेत तमाम शिविरों से भी लोगों का जाना शुरू हो गया है। सिविल डिफेंस के घटना नियंत्रक अधिकारी रविशंकर द्विवेदी ने बताया कि महबूब अली से रविवार की शाम सभी लोगों को अपने शिविरों में जाने के लिए कह दिया गया है। शिविर में 350 शरणार्थी रह रहे थे।
नदियों का जलस्तर
गंगा
फाफामऊ - 83.33 मीटर
छतनाग - 82.39 मीटर
यमुना
नैनी - 82.99 मीटर
शरणार्थियों को बताए आपदा में बचाव के उपाय
इलाहाबाद(ब्यूरो)। सिविल डिफेंस की ओर से महबूब अली उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रविवार को आपदा दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। शिविर विद्यालय परिसर में ही आयोजित किया गया था। सिविल डिफेंस के घटना नियंत्रक अधिकारी रविशंकर द्विवेदी ने आग लगने पर, बाढ़ आने पर, भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव के उपाय बताए गए।
शव नहीं हटाया, दुर्गंध
इलाहाबाद(ब्यूरो)। बेली कॉलोनी में बाढ़ की चपेट में आने से एक घोड़े की मौत हो गई है। उसका शव कॉलोनी में पड़ा हुआ है। खाद्य सामग्री बांटने वाले सिविल डिफेंस के सदस्य नगर निगम के अधिकारियों को शव हटाने के लिए चार दिन से कह रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नगर निगम के अधिकारी शव हटाने के लिए सिविल डिफेंस के सदस्यों से नाव मांग रहे हैं। सिविल डिफेंस के रविशंकर द्विवेदी ने कहा कि नाव की व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। नगर निगम के अधिकारी प्रशासन के अधिकारियों से इसकी मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शव न हटने से आसपास रह रहे लोगों को परेशानी हो रही है। इलाके में दुर्गंध फैली हुई है। लोग परेशान है। वहीं बेली कॉलोनी के बाढ़ग्रस्त इलाके में बाढ़ की चपेट में आकर एक घोड़े की मौत हो गई।