इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज की ओर से बृहस्पतिवार को महामना मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित व्याख्यानमाला में हिन्दुस्तानी एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन मालवीय ने उन्हें महामना को महान चिंतक बताने के साथ उन्हें हिन्दी का पुनरूत्थान करने वाले के साथ मुस्लिम तुष्टिकरण का विरोधी बताया। मदन मोहन मालवीय जी के प्रयास से ही अदालतों में फारसी के साथ देव नागरी लिपि को लागू करवाने का काम किया।
इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो. एनआर फारूकी ने महामना को महात्मा गांधी का बड़ा सहयोगी बताया। पूना पैक्ट में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें दलितों के उत्थान के लिए काम करने वाला मनीषी बताया। लखनऊ विवि के राजनीति विज्ञान के प्रो. आरके मिश्र ने कहा कि हिन्दू महासभा की स्थापना करने के साथ उन्होंने हिन्दुओं के हित के लिए काम किया परंतु वह धर्म निरपेक्ष थे। सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के धनंजय चोपड़ा ने मालवीय जी को सच्चा पत्रकार बताया। इससे पहले एकेडमिक स्टाफ कॉलेज के निदेशक प्रो. एचके शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करने केसाथ अतिथियों का स्वागत किया।