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कोर्ट पहुंचकर दुविधा में फंसे दरोगा भर्ती के अभ्यर्थी

Wed, 29 Jul 2015 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। दरोगा भर्ती परीक्षा में व्हाइटनर लगाने के कारण अंतिम चयन सूची से बाहर किए गए कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद दुविधा की स्थिति में फंस गए हैं। मंगलवार को उनकी याचिका पर सुनवाई के समय कोर्ट ने मूल रिकार्ड मंगाकर देखा तो पता चला कि उत्तर पुस्तिकाओं की ओएमआर सीट में व्हाइटनर का इस्तेमाल किया गया है। याचीगण का कहना था कि जो ओएमआर सीट कोर्ट में प्रस्तुत की गई है वह उनकी नहीं है।
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इस पर सिर्फ कोड अंकित है, उनका रोल नंबर नहीं है। इस पर मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने याचीगण से कहा कि यदि वह कोर्ट द्वारा निर्धारित राशि जमा कर देते हैं तो अदालत कॉपियों की डी-कोडिंग कराकर रोल नंबर पता कर लेगी मगर यदि रोल नंबर सामने आने पर उत्तर पुस्तिकाएं उन्हीं की निकलीं तो उन पर हर्जाना भी लगाया जा सकता है। इस मामले पर अदालत ने याचीगण को बुधवार को जवाब देने की मोहलत दी है।

उल्लेखनीय है कि दरोगा भर्ती परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं में व्हाइटनर लगाकर प्रश्नों के उत्तर बदलने वाले अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट के आदेश से अंतिम चयन सूची से बाहर कर दिया गया है। याची प्रवीण कुमार झा सहित करीब 11 लोगों ने याचिका दाखिल कर कहा है कि उन्होंने व्हाइटनर नहीं लगाया था इसके बावजूद उनको बाहर कर दिया गया।
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