इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात की पुलिस को सात महीने से घर से गायब नाबालिग लड़की को चार माह में बरामद करने की मोहलत दी है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को अपनी निगरानी में मामले की विवेचना पूरी करने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एसएएच रिजवी की खंडपीठ ने कानपुर देहात निवासी याची की ओर से गुमशुदा बहन की तलाश और निष्पक्ष विवेचना की मांग वाली याचिका को निस्तारित करते हुए दिया।
मामला जिला कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र का है। भंडेमऊ निवासी याची ने 23 मई को बहन की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज करवाई थी। गांव के ही विकल समेत पांच युवकों पर बहन को बहला फुसला कर अगवा करने का आरोप लगाया था। सात माह बाद भी न बहन की बरामदगी हो सकी और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक को मामले की विवेचना और गायब नाबालिग लड़की की बरामदगी की कार्यवाही अपनी निगरानी में चार माह में पूरी करने का आदेश दिया है।