दारागंज में पुलिस की पिटाई से हिस्ट्रीशीटर रणजीत सोनकर की हालत दूसरे दिन भी गंभीर बनी रही। उसकी आंख में गंभीर चोट आई है। उधर, पुलिस ने उसके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट समेत अन्य धाराअेां में मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही दावा किया है कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल उसे उपचार के लिए कॉल्विन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना सोमवार शाम 7.30 बजे के करीब हुई थी। रंजीत के घरवालों का आरोप है कि वह अंत्येष्टि से लौटकर परेड स्थित भूरी बाबा मंदिर में बैठा था। तभी वहां पहुंचे दारागंज थाने के दरोगा विश्वेंद्र यादव व सिपाहियों ने उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी आंख में गंभीर चोट आई। इसकी सूचना भी घरवालों को नहीं दी गई। किसी तरह जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे तब तक पुलिस उसे लेकर जा चुकी थी।
इसके बाद तीन घंटे तक उसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। मोहल्ले के लोगों व रिश्तेदारों के जुटने पर पुलिस रात 11 बजे के करीब लहूलुहान हाल में थाने लेकर आई। हंगामा बढ़ता देख उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां दूसरे दिन भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि हालत में सुधार नहीं होने पर उसे पीजीआई भी रेफर किया जा सकता है।
उधर, पुलिस का दावा है कि रणजीत ने गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों को धमकाया कि वह भाजपा सांसद का भाई है। उसने अपने दो अज्ञात साथियों संग पुलिसकर्मियों से मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं। थाने से फोर्स के पहुंचने पर दोनों साथी भाग निकले जबकि वह पकड़ा गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट समेत आठ धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस का दावा है कि उसे गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस अभिरक्षा में उसका इलाज कराया जा रहा है। स्वस्थ होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।