फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पार्षदों ने सदन हाल में नहीं होने दी कमिश्नर की बैठक

Sun, 01 Feb 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
 बिना अध्यक्ष (महापौर) की अनुमति के कमिश्नर और निजी अस्पतालों के संचालकों के बीच नगर निगम सदन हाल में बैठक कराने पर पार्षद विरोध में उतर आए। शनिवार शाम को बैठक शुरू होने के पहले कई पार्षद निगम पहुंच गए और इस पर आपत्ति दर्ज कराई। सूचना कमिश्नर को दी गई। इसके बाद आननफानन में बैठक का स्थल बदल कर अधिकारी कक्ष किया गया। इस बीच बवाल की आशंका से सिविल लाइंस सहित कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई। करीब घंटेभर की देरी से कमिश्नर बैठक में पहुंचे तो पार्षदों ने स्मार्ट सिटी पर उनकी राय न लेने पर आपत्ति जताई। लाजपत राय रोड को मॉडल सड़क बनाने पर भी आपत्ति की। अवस्थापना निधि से काम कराने की मांग की।
विज्ञापन


निजी अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर कमिश्नर ने शनिवार को निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक के लिए नगर निगम सदन हाल को चुना। शाम पांच बजे बैठक तय थी। चार बजे के आसपास वरिष्ठ पार्षद निजामउद्दीन निगम पहुंचे तो उन्हें सदन हाल में बैठक कराने का पता चला। पार्षद ने अपर नगर आयुक्त वंदना त्रिपाठी से इस पर आपत्ति जताई। इसकी सूचना कमिश्नर को दी गई। इसके बाद बैठक के लिए निगम कार्यालय के पहले तल पर स्थित अधिकारी कक्ष को तैयार किया गया।

शाम करीब साढ़े पांच बजे तक ज्यादातर अस्पतालों के संचालक वहां पहुंच गए। करीब एक घंटे की देरी से कमिश्नर बैठक में पहुंचे तो पार्षद निजामउद्दीन, राजू शुक्ला और नीरज गुप्ता ने उन्हें अधिकारी कक्ष के बाहर घेर लिया। पार्षदों ने स्मार्ट सिटी के लिए बन रही योजना में जनप्रतिनिधियों का सुझाव न लेने और निगम की अवस्थापना निधि से शहर के बड़े हिस्से में सड़क, नाले-नालियों की मरम्मत, निर्माण न करोन पर आपत्ति जताई। पार्षदों ने लाजपत राय रोड को ही मॉडल सड़क बनाने पर भी सवाल खड़े किए लेकिन कमिश्नर ने किसी भी बात का जवाब नहीं दिया, बल्कि  यह कहते हुए बैठक में चले गए कि इन सवालों के जवाब यहां नहीं दिए जा सकते। अब पार्षदों ने जल्द ही इस मामले में कमिश्नर के घेराव की तैयारी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें