कोतवाली थाना क्षेत्र के हीवेट रोड स्थित चमेली देवी धर्मशाला का गार्ड मनोज कुमार त्रिपाठी उर्फ टीटू शनिवार शाम सनक गया। धर्मशाला के स्टॉफ से झगड़ा करने के बाद उसने खुद को एक कमरे में कैद कर लिया और रिवाल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलने की खबर पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई लेकिन गार्ड को बाहर निकालने में साढ़े तीन घंटे से अधिक का वक्त लग गया। गार्ड ने जब कमरा खोला तो उसके पेट से खून निकल रहा था। आशंका है कि उसने खुद को गोली मार ली थी। बदहवास हालत में बाहर निकले गार्ड को तुरंत एसआरएन अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बाहर निकलने के बाद वह रोते हुए यही कह रहा था कि ‘उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी गई’।
गार्ड मनोज कौशांबी के सिराथू का रहने वाला है और ढाई वर्ष से धर्मशाला में गार्ड की नौकरी कर रहा है। शादीशुदा मनोज कानपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई भी कर रहा है। पुलिस के मुताबिक शाम को उसका धर्मशाला की मैनेजर गिरजा देवी के पति रामू से विवाद हुआ था।
इसी के बाद उसने गालीगलौज करते हुए खुद को कमरा नंबर एक में बंद कर लिया। उसके बाद मनोज ने एक के बाद एक पांच राउंड फायर किए। कोतवाल पीके राय, एसएसआई सुनील दत्त राय मौके पर पहुंच गए लेकिन गार्ड दरवाजा खोलने को राजी नहीं हुआ। बाहर तमाशबीनों की भीड़ जुटने के बाद पुलिस ने फायर ब्रिगेड को खबर दी। छह बजे फायर फाइटर भी पहुंच गए लेकिन मनोज को बाहर नहीं निकाल सके। एसपी सिटी राजेश यादव भी धर्मशाला पर पहुंच गए। उन्होंने काफी प्रयास किया लेकिन मनोज खुद को गोली मारने की धमकाती देता रहा। आखिरकार वह साढ़े आठ बजे टूट गया और उसने खुद ही दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही इंस्पेक्टर ने उसे दबोच लिया और रिवाल्वर छीन लिया। पेट से खून निकलता देख उसे सीधे अस्पताल भेज दिया गया।
मनोज ने जब दरवाजा खोला तो वह बिलख बिलख कर रो रहा था। वह डिप्रेशन में नजर आ रहा था। वह बहकी हुई बातें कर रहा था। पहले उसने कहा कि उसे परेशान किया जाता है। वह बहुत दुखी है लेकिन बाद में वह कुछ लोगों का नाम लेते हुए कहने लगा कि उसकी जिंदगी को बर्बाद कर दिया गया। हालत खराब होने के कारण पुलिस उससे ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाई।