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प्रिंटिंग प्रेस, जीआईसी को आयोग ने किया प्रतिबंधित

Sat, 04 Aug 2018 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा में गलत पेपर बांटे जाने के मामले में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पेपर छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस को दो साल और परीक्षा केंद्र बनाए गए राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) को तीन साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। प्रिंटिंग प्रेस का भुगतान रोक लिया गया है। साथ ही परीक्षा में ड्यूटी पर लगाए गए अतिरिक्त पर्यवेक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और जीआईसी के प्रधानाचार्य समेत 36 कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को संस्तुत भेजने का निर्णय लिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को हुई आयोग की बैठक में की गई। मामले में आयोग की ओर से एफआईआर पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है।
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पीसीएस मुख्य परीक्षा 18 जून से शुरू हुई थी लेकिन, दूसरे ही दिन यानी 19 जून को गलत पेपर बंटने पर बवाल हो गया। उस दिन सुबह 9.30 से 12.30 बजे की पहली पाली में सामान्य हिंदी और दोपहर दो से शाम पांच बजे की पाली में निबंध का पेपर था लेकिन, जीआईसी परीक्षा केंद्र में पहली पाली में निबंध का पेपर बांट दिया गया। पेपर बंटते ही अभ्यर्थियों ने बवाल शुरू कर दिया और परीक्षा का बहिष्कार कर केंद्र से बाहर चले गए। आधे घंटे बाद ही पेपर व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। इस पर आयोग ने 19 जून की परीक्षा निरस्त कर दी और सात जुलाई को सामान्य हिंदी और निबंध की पुनर्परीक्षा कराई।

मामले में घटना वाले दिन ही आयोग ने प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग संस्थान, केंद्र व्यवस्थापक जीआईसी, केंद्र पर तैनात स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सहायक पर्यवेक्षक और अतिरिक्त पर्यवेक्षक आयोग एवं अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी थी। साथ ही जांच के लिए आयोग के सचिव जगदीश और उप सचिव वित्त मोइनउद्दीन की दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। जांच कमेटी ने शुक्रवार को आयोग की बैठक में अपनी रिपोर्ट रखी, जिसके बाद कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
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‘प्रिंटिंग प्रेस को दो साल के लिए प्रतिबंधित करते हुए परीक्षा के लिए किए करोड़ों रुपये का भुगतान रोकने का निर्णय लिया गया। संबंधित प्रेस में आयोग दो साल तक कोई पेपर नहीं छपवाएगा। साथ ही तीन साल के लिए प्रतिबंधित किए गए जीआईसी में आयोग कोई परीक्षा नहीं कराएगा। केंद्र व्यवस्था के रूप में जीआईसी के प्रधानाचार्य, अतिरिक्त पर्यवेक्षक के रूप में आयोग के समीक्षा अधिकारी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट बनाए गए जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और केंद्र में तैनात 36 कक्ष निरीक्षकों पर कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को संस्तुति भेजी जाएगी। समीक्षा अधिकारी के खिलाफ आयोग अपने स्तर से कार्रवाई करेगा।’ जगदीश, सचिव यूपीपीएससी
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