सीएमपी रेल अंडरब्रिज (आरयूबी) पर रेल ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के चलते लगातार दूसरे दिन शहरियों को खासी परेशानी हुई। यहां बैहराना-तिकोनिया से सिविल लाइंस को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पर रोड ट्रैफिक ब्लॉक होने से जाम का असर तकरीबन पूरे शहर में ही पड़ा। इस दौरान स्कूली बच्चों को काफी परेशानी हुई। हजारों लोग घंटों जाम में फंसे रहे। जाम के चलते कई एंबुलेंस भी फंस गईं। देर शाम तक शहर की कई सड़कों पर भीषण जाम के हालात बने रहे।
स्कूलों की छुट्टी होने के बाद जाम में फंसे कई बच्चे रोने भी लगे। सोहबतियाबाग आरयूबी के पास लगे जाम में बच्चों का बुरा हाल रहा। यहां जाम में कई स्कूली रिक्शे फंस गए। काफी देर तक एक स्कूली रिक्शा नहीं चला तो उसमें बैठे दो बच्चे रोने लगे। दोनों बच्चों को जाम में फंसे लोगों ने समझा बुझाकर शांत किया। तुलारामबाग के ध्रुव सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस स्थित एक स्कूल में उनके बच्चों की छुट्टी दिन में 01.45 बजे हुई, लेकिन जाम की वजह से उनके बच्चे रिक्शा ट्राली से तकरीबन चार बजे ही घर पहुंच सके। राजरूपपुर के राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि जाम के चलते उन्हें 20 मिनट की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। उधर सीएमपी का रास्ता बंद होने के कारण पुलिस बल सुबह तो मुस्तैद दिखा, लेकिन सुबह दस बजे तमाम दफ्तरों के खुलने के वक्त जाम बढ़ गया। वाहनों की ज्यादा आवाजाही होने से ट्रैफिक पुलिस की सारी व्यवस्थाएं भी धरी की धरी रह गईं। दोपहर दो बजे आलम ये रहा कि सोहबतियाबाग से लेकर फोर्ट रोड चौराहा और अलोपीबाग, पुरानी जीटी रोड आदि इलाकों में वाहनों की लंबी कतार लग गई।
बैरहना में लगे जाम में सोमवार को एक निजी नर्सिंग होम की एंबुलेंस फंस गई। इसमें बैठे तीमारदार वहां लोगों से रास्ता देने की गुहार करते रहे, लेकिन वहां जाम की वजह से लोग एंबुलेंस को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं दे सके। जाम के चलते सिर्फ बैरहना में ही नहीं बल्कि शहर के कई अन्य स्थानों पर भी एंबुलेंस फंसने की बात सामने आई। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के साथ अधिवक्ताओं, छात्र-छात्राओं आदि को भी काफी परेशानी हुई। इस दौरान काफी संख्या में ऐसे लोग भी रहे जो गलत दिशा में वाहन चला रहे थे। इसमें पुलिस की एक जीप भी रही। निरंजन ब्रिज के पास ललित नगर रेलवे कालोनी से एक पुलिस की जीप निकली तो उसमें बैठे सिपाहियों ने ट्रैफिक रोक दिया। इस दौरान वहां फंसे लोगों ने जीप में बैठे पुलिस वालों को खूब कोसा।
बृहस्पतिवार को फोर्ट रोड चौराहा-सोहबतियाबाग मार्ग पर जाम तो लगा लेकिन बुधवार वाली स्थिति नहीं रही। इस मार्ग पर दिन भर में कई बार जाम लगा, लेकिन राहत वाली बात यह रही कि इस दौरान वाहन रेंगते हुए जरूर चले। यही हाल रामबाग से मेडिकल चौराहा और जानसेनगंज से फायर बिग्रेड चौराहे को जोड़ने वाले मार्ग की रही। इन सभी मार्गों पर बुधवार को लगे जबर्दस्त जाम का असर शहर के कई इलाकों में पड़ा। बुधवार वाली स्थिति की पुनरावृत्ति बृहस्पतिवार को न हो इसके लिए आज ट्रैफिक पुलिस सुबह से ही तमाम इलाकों में मुश्तैद रही। हालांकि दिन में दो बजे के बाद एक बार फिर से जाम ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। इस दौरान रामबाग रेल फाटक दिन में कई बार बंद होने से इस रोड पर दिन में जाम की स्थिति लगातार बनी रही।
सीएमपी आरयूबी पर रेलवे का काम करने के लिए आई बड़ी क्रेनों को देखने के लिए वहां ब्रिज के ऊपर दिन भर तमाशबीनों की भीड़ जमा रही। जब कोई ट्रेन वहां से गुजरती तो लोग नीचे उतर आते और उसके जाने के बाद वे एक बार फिर से ट्रैक पर खड़े होकर कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते। दिन में इसी आपाधापी के बीच सुबह 10.30 बजे के करीब वहां से नौचंदी एक्सप्रेस गुजरी तो रेलवे ट्रैक पर खड़े तमाम लोग नीचे की ओर भागे। वहां रेलवे ट्रैक किनारे दो लोग फिसल भी गए। किसी तरह उन लोगों को वहां से उठाकर नीचे लाया गया। इसके पूर्व सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाने के दौरान तमाम अभिभावक खुद बच्चों को लेकर रेलवे ट्रैक पार करते दिखाई दिए। बहुत से स्कूली छात्र-छात्राएं ऐसी रहीं जो साइकिल लेकर ही रेलवे ट्रैक पर चढ़ गए।
जाम में जूझ रहे लोगों से टेंपो चालकों ने भी आम शहरियों से मुंहमांगे दाम वसूल किए। दरअसल रामबाग रेल फाटक के साउथ मलाका साइड और सोहबतियाबाग के जवाहर लाल नेहरू की तरफ काफी टेंपो चालकों ने अपने वाहन खड़े कर रखे थे। इस दौरान जाम से निकलकर जो लोग आते उन्हें साउथ मलाका से रेलवे स्टेशन, नैनी तो जवाहर लाल नेहरू रोड से तेलियरगंज, गोविंदपुर के टेंपो मिल जाते। टेंपों चालकों ने भी लोगों से दोगुना किराया वसूला।