भाजपा विधायक विजय मिश्र।
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कमिश्नर प्रयागराज ने इंद्रकली द्वारा ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए 28 अक्तूबर को प्रकरण पीडीए के पास वापस भेज दिया था। कमिश्नर न्यायालय ने संबंधित जोनल अधिकारी को याची का पक्ष सुनकर एक सप्ताह में उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इस आदेश से नाखुश पीडीए ने आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पीडीए का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और अरुण कुमार मिश्र ने रखा। पीडीए का कहना है कि कमिश्नर द्वारा अपील निर्णीत करने में कई स्तर पर त्रुटियां की गई हैं।
कमिश्नर ने अपने आदेश में यह कहते हुए मामला पीडीए को वापस भेज दिया था कि याची इंद्रकली आदि को ध्वस्तीकरण नोटिस का तामीला संबंधित अधिनियम की धारा 43 के प्रावधानों के तहत नहीं कराया गया और न ही धारा 44 का पालन किया गया। पीडीए ने 12 दिसंबर 2007 को ध्वस्तीकरण नोटिस नोटिस भेजा था। जिस पर 13 साल के बाद अमल शुरु किया गया।
उल्लेखनीय है कि विजय मिश्र के अल्लापुर स्थित विवादित भवन के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने याची को नियमानुसार पीडीए के नोटिस के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील और स्थगनआदेश अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में कमिश्नर के समक्ष अपील दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई के बाद कमिश्नर ने प्रकरण पुन: विचारण के लिए पीडीए को वापस भेज दिया। कमिश्नर के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई अब चार नवंबर को होगी।