सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) से जुड़े सभी लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। आधार को लाभार्थी के कार्ड से लिंक किए जाने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है। इसके बाद अगर आधार लिंक नहीं होता है तो लाभार्थियों को सुविधाओं वंचित होना पड़ सकता है। इलाहाबाद में तकरीबन एक लाख लाभार्थी सीजीएचएस से जुड़े हैं जबकि देश भर में लाभार्थियों की संख्या 30 लाख से अधिक है।
केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनरों और आश्रितों को सीजीएचएस के माध्यम से मुफ्त दवा और इलाज की सुविधा मिलती है। सीजीएचएस के नए लाभार्थियों का आधार नंबर लाभार्थी आईडी संख्या के साथ लिंक कराए जाने के बाद ही उन्हें सीजीएचएस कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा पिछले दिनों अभियान चलाकर भी बड़ी संख्या में केंद्रीय विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आधार नंबर लाभार्थी की आईडी संख्या से लिंक कराए दिए गए हैं, लेकिन अब भी ऐसे पेंशनरों एवं कार्यरत कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक है, जिनके आधार नंबर आईडी से लिंक नहीं कराए गए हैं।
केंद्र के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि आधार और आईडी नंबर को लिंक किए जाने की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है और इसके लिए 31 मार्च अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। सीजीएचएस के लाभार्थियों से कहा गया है कि वे निर्धारित तिथि से पहले हर हाल में अपने आधार नंबर सीजीएचएस की डिस्पेंसरी में उपलब्ध करा दें। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 31 मार्च तक जिनके आधार नंबर लिंक नहीं होंगे, उनका क्या होगा लेकिन इस बात की आशंका बनी हुई है कि आधार नंबर लिंक न होने पर कहीं सुविधाएं न रोक दी जाएं। सीजीएचएस के इलाहाबाद स्थित अपर निदेशक कार्यालय में इस बाबत कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।