क्षेत्र के कई गांवों में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों के लिए इस बार की होली भी मायूसी लेकर आई। सवा साल से मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट है।
क्षेत्र में करीब 24 ग्राम रोजगार सेवक विभिन्न ग्राम पंचायतों में तैनात हैं। इनके जिम्मे मनरेगा सहित अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, श्रमिकों का पंजीकरण, कार्यों की मॉनिटरिंग और ऑनलाइन प्रविष्टि जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की होती है।
ग्राम रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष कृष्ण कुमार, रामबाबू, मो. रईश, राजन मिश्र, हरिकेश यादव, सुषमा देवी, भूपेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से जल्द से जल्द बकाया मानदेय जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
खंड विकास अधिकारी लीलाधर शुक्ल ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय बहुत बाकी है। वहीं उरुवा में दस माह से रोजगार सेवकों को मानदेय के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिली है। ऐसे में होली पर भी मानदेय मिलने की उम्मीद टूट गई है। ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष अनीश कुमार मिश्र ने बताया कि कई बार की गई मांग के बाद भी रोजगार सेवकों का मानदेय नहीं दिया जा रहा है।