इलाहाबाद। जिला न्यायालय परिसर में 11 मार्च को अधिवक्ता की हत्या के विरोध में चलाए जा रहे आंदोलन को और धार देने के लिए वकीलों ने संघर्ष समिति का गठन कर दिया है। शुक्रवार को आयोजित महापंचायत में प्रदेश के लगभग 40 जिलों के प्रतिनिधियों के भाग लेने का दावा है। वकीलों की संघर्ष समिति में सूबे के सभी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, इलाहाबाद के सभी संघों के अध्यक्ष और पूर्व पदाधिकारियों को सदस्य बनाया गया है। आंदोलन की कमान बार कौंसिल के सदस्य और पूर्व उपाध्यक्ष आईके चतुर्वेदी को सौंपी गई है। शीतला मिश्र कार्यवाहक अध्यक्ष और देवेंद्र नगरहा संघर्ष समिति के सचिव होंगे।
महापंचायत में एक मत से 23 मार्च तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की गई है। 23 मार्च को सभी जिलों के संघ अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें इलाहाबाद के डीएम और एसएसपी को हटाने की मांग होगी। इलाहाबाद के वकील मंडलायुक्त को ज्ञापन देंगे।
यह भी अपील की गई कि 21 मार्च को नवरात्रि के पहले दिन सभी अधिवक्ता संगठनों में वकील एक दिन का उपवास रखेंगे। महापंचायत को कानपुर, बलिया, फैजाबाद, बनारस, मैनपुरी, भदोही, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, कुंडा, कानपुर देहात, आजमगढ़ आदि जिला संघों के अध्यक्षों ने भी संबोधित किया। सभी ने एक स्वर से आंदोलन को पूरा सहयोग देने की घोषणा की है।
महापंचायत में तमाम जिलों से आए अधिवक्ता प्रतिनिधियों ने दिवंगत वकील के परिजनों को आर्थिक मदद भी दी है। कुछ लोग नगद राशि तो कुछ चेक लेकर आए थे। जो लोग धनराशि नहीं लाए थे, उन्होंने भेजने का वादा किया है। कानपुर बार ने 51 हजार रुपये दिए और प्रतापगढ़ बार ने भी 51 हजार रुपये देने की घोषणा की है। प्रतापगढ़ के वकील अशोक पांडेय ने 5100 रुपये दिए। संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने सभी वकीलों से चंदा देने की अपील की है।
महापंचायत में जुटे तमाम अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधियों में आंदोलन को लेकर बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश तथा बार कौंसिल ऑफ इंडिया के रवैये को लेकर आक्रोश दिखा। कौंसिल की ओर से दिवंगत वकील के परिवार के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं देने पर भी नाराजगी जताई गई।