पीड़िता की मांग पर एसएसपी ने स्थानांतरित की विवेचना
प्रयागराज। थरवई में सिविल लाइंस निवासी छात्रा से दुष्कर्म मामले की जांच अब सोरांव पुलिस करेगी। पीड़िता की मांग पर एसएसपी ने मामले की जांच सोरांव पुलिस को ट्रंासफर कर दी है।
बता दें कि सिविल लाइंस में रहकर तैयारी करने वाली जौनपुर निवासी छात्रा ने थरवई थाने मेें सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में आठ लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। इनमें से मुख्य आरोपी शिवशंकर सिंह उर्फ टोटी जेल भेजा जा चुका है जबकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पीड़िता ने एक दिन पहले एडीजी कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया था कि पुलिस जानबूझकर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। साथ ही उसने मामले की जांच अन्य पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की थी। इस दौरान एक फोटो का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि विवेचक व थरवई एसओ आरोपियों के करीबी हैं। इसलिए उसे मामले में निष्पक्ष विवेचना की उम्मीद नहीं है। जिसके बाद एसएसपी ने मामले की जांच थरवई पुलिस के पास से स्थानांतरित कर सोरांव पुलिस को सौंप दी। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि पीड़िता की मांग पर मामले की विवेचना स्थानांतरित की गई है। पीड़िता की ओर से दिखाए गई तस्वीर के मामले में उन्होंने बताया कि यह घटना से पहले की है।
रिपोर्ट दर्ज करने में क्यों की आनाकानी
मामले में भले ही तस्वीर पुरानी होने की बात सामने आई हो लेकिन सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले की रिपोर्ट दर्ज करने में की गई आनाकानी से थरवई पुलिस अब भी सवालों के घेरे मेें है। एसओ के पास इस बात का जवाब नहीं है कि लिखित शिकायत के बावजूद रिपोर्ट दर्ज करने में वह क्यों आनाकानी करते रहे। दरअसल पीड़िता ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि घटना के बाद उसने थाने पहुंचकर शिकायत की लेकिन इसके बावजूद रिपोर्ट नहीं लिखी गई। वह थाने के चक्कर काटती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 21 अगस्त को उसने मामले की शिकायत डीआईजी से की। जिनके आदेश पर 23 अगस्त को थरवई थाने में आरोपियों पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। सवाल यह भी है कि मामले में सात नामजद आरोपी अब तक क्यों नहीं गिरफ्तार किए जा सके।