युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
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आंदोलनकारियों ने फिर शुरू किया धरना
पुलिस कार्रवाई के बाद अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश फैल गया। सुबह होते ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पुनः पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस धरना स्थल पर पहुंच गए और पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पूरे दिन धरना-प्रदर्शन चलता रहा और आंदोलनकारियों ने पुनः धरना स्थल पर आंदोलन शुरू कर दिया।
आमरण अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक वे आमरण अनशन समाप्त नहीं करेंगे। आंदोलनकारियों का कहना है कि 16 सितंबर 2025 को नियमावली में किए गए बदलाव से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने शिक्षक बनने के अवसर प्रभावित हुए हैं। उनका आरोप है कि अचानक नियमों में बदलाव से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। प्रदर्शन में एलके चौधरी, बृजेश सिंह, अखिलेश वर्मा, राकेश चौरसिया, सुशोभित, आरती सिंह, रिंकी चौहान, भानू शुक्ल, केडी. वर्मा, दीपा सिंह सहित सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने से अभ्यर्थियों की समस्याएं समाप्त नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर 2025 को लागू की गई नई व्यवस्था को वापस लेकर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर टीजीटी-पीजीटी का विज्ञापन तत्काल जारी किया जाए।