उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 2015 में हुई टीजीटी-पीजीटी-2013 की परीक्षा में अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण के बिना ही लिखित परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए गए। टीजीटी-पीजीटी के कुछ विषयों का रिजल्ट चयन बोर्ड की ओर से 2015 में ही घोषित कर दिए गए थे, शेष विषयों के परिणाम चयन बोर्ड ने नए अध्यक्ष की तैनाती के बाद जारी किए। अब यदि इसके खिलाफ अभ्यर्थी कोर्ट गए तो अंतिम परिणाम पर रोक लग सकती है। इससे पूर्व भी चयन बोर्ड की ओर से अभ्यर्थियों की आपत्तियों को दरकिनार करके रिजल्ट जारी किए जाने पर परिणाम बदला जा चुका है।
टीजीटी-पीजीटी परीक्षा के लिए चयन बोर्ड की ओर से जारी आंसर-की और अभ्यर्थियों ओर से जारी आंसर-की अलग-अलग होने के कारण उन्होंने चयन बोर्ड की ओर से हुई परीक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र में गड़बड़ी के साथ सवाल भी गलत थे। ऐसे में चयन बोर्ड ने आपत्तियों का जवाब दिए बिना रिजल्ट जारी कर दिया। वहीं चयन बोर्ड अभ्यर्थियों की आपत्तियों को दरकिनार करके 28 मई से ही टीजीटी-पीजीटी-2016 का साक्षात्कार कराने का फैसला कर चुका है। इस संबंध में चयन बोर्ड की 10 मई को बैठक हो रही है। इस बैठक में साक्षात्कार की तिथि पर फैसला किया जाएगा। अब उम्मीद जताई जा रही है कि साक्षात्कार जून के पहले सप्ताह में शुरू होगा।
टीजीटी-पीजीटी के लिए होगा ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से मंगलवार को हो रही बैठक में एनआईसी की टीम टीजीटी-पीजीटी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में चर्चा करेगी। इस बैठक के दौरान प्रदेश के अन्य जिलों से आए शिक्षकों के पदों का सत्यापन करके उसे विज्ञापन में शामिल करने के बारे में फैसला होगा। चयन बोर्ड की ओर से पहली बार ऑनलाइन आवेदन मांगा जाएगा।