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अदम्य साहस की मिसाल हैं महाराणा प्रताप

Tue, 10 May 2016 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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महाराण प्रताप की जयंती पर सोमवार को म्योहाल चौराहे स्थित प्रतिमा पर माल्यापर्ण करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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महाराणा प्रताप का 477वीं जयंती पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को म्योहाल चौराहे पर स्थित महाराणा प्रताप चौराहे पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जय घोष लगाए गए। उप्र राजकीय महाविद्यालय युवा शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंदु प्रकाश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप संपूर्ण विश्व के लिए साम्राज्यवादी सोच के विरोधी, मातृ भूमि के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले और शौर्य-साहस की प्रतिमूर्ति के रूप में याद किये जाते हैं। दिव्य प्रेम सेवा मिशन ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर जेपी सिंह, त्रिवेणी सेवा समिति सचिव डॉ. प्रबुद्ध मिश्रा, पर्यावरण एवं लोक जागरण समिति के प्रदेश संयोजक डॉ. प्रवीण मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किये। इस मौके पर विनोद वर्मा, सुनील यादव, मनोज त्यागी, सौरभ आनंद, अमरेंदु सिंह आदि मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से महाराणा प्रताप का 477वां जन्मदिन महाराणा प्रतिमा स्थल पर धूमधाम से मनाया गया। सभी सदस्यों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्य अतिथि जस्टिस और पूर्व राज्यपाल अंशुमान सिंह ने कहा कि राणा प्रताप देश स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए जीवन पर्यंत लड़ते रहे। उन्होंने मुगल बादशाह अकबर की आधीनता कभी स्वीकार नहीं की। युवाओं को उनसे राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा लेनी चाहिए। पूर्व मंत्री नरेंद्र कुमार सिंह गौड़ ने कहा कि राणा प्रताप की ख्याति सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी फैली है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. यूपी सिंह ने किया। प्रगतिशील किसान समिति की ओर से म्योहाल चौराहे पर शिवाकांत तिवारी के नेतृत्व में किसानों, व्यापारियों, वरिष्ठजनों और छात्र-छात्राओं ने म्योहाल चौराहे पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्य अतिथि राकेश सिंह और विशिष्ट अतिथि कृष्ण कुमार गुप्ता ने युवाओं से महाराणा प्रताप से प्रेरणा लेने की बात कही।
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