टीजीटी-पीजीटी के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश के बीच प्रतियोगी छात्रों ने युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर शक्ति प्रदर्शन किया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने नई नियमावली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी करने की मांग उठाई।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि सरकार को हर हाल में पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी करना चाहिए, क्योंकि नई नियमावली से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने पर लगभग 5 से 7 लाख अभ्यर्थी सीधे प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पुरानी नियमावली पर गंभीरता से विचार कर विज्ञापन जारी करने के निर्देश देने चाहिए।
उन्होंने कहा कि नई नियमावली का गजट 16 सितंबर 2025 को जारी हुआ था और अब तक लगभग 9 से 10 महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में उत्तर प्रदेश के सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए नई योग्यता के अनुरूप डिग्री या प्रशिक्षण प्राप्त कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। ऐसे में उन लाखों युवाओं के साथ अन्याय होगा, जिन्होंने 105 वर्षों से चली आ रही सनातन पुरानी नियमावली के आधार पर शिक्षक बनने का सपना देखा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए टीजीटी-पीजीटी 2026 के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी करने के आदेश दिए जाएं। युवा मंच के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बरसात के बावजूद उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया तथा सरकार से शीघ्र निर्णय लेकर पुरानी नियमावली से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की। इस अवसर पर अशोक सिंह, साधना सिंह, दीपा सिंह, रीता, अमृत सोनकर, केशरवानी, प्रियंका मिश्रा, विनीता, रिंकी चौहान, आरती सिंह, बृजेश पांडेय, अखिलेश वर्मा, एलके चौधरी, कुमार कौशल, अमित पांडेय, भानु प्रताप शुक्ला, केडी वर्मा, बृजेश सिंह, संदीप पाल, बृजेश तिवारी, आदित्य पाल आदि मौजूद रहे।