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Prayagraj News: टटोली जा रही है नब्ज, जिले में भाजपा करा रही गोपनीय सर्वे

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आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों को धार देनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में प्रयागराज जिले में पार्टी का गोपनीय सर्वे शुरू हो चुका है, जिसके जरिये विधानसभा क्षेत्रवार नब्ज टटोली जा रही है।
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अब तक दो आंतरिक सर्वे करा चुकी है। विशेष टीमों ने सीधा फीडबैक लिया है। पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक निजी एजेंसी के माध्यम से तीसरा सर्वे भी कराया जा रहा है। चुनाव में जिताऊ और मजबूत प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की मंशा से हो रहे इन सर्वे की रिपोर्ट सीधे राज्य और केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी जाएगी।
दरअसल, भाजपा की ओर से 403 सीटों पर चलाए जा रहे इस गोपनीय अभियान के तहत रेंडम कॉल्स के जरिये आम जनता से रायशुमारी की जा रही है। प्रयागराज जिले की सभी 12 विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की स्थिति को लेकर गहन मंथन जारी है। जिले की इन सीटों पर वर्तमान में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के आठ विधायक हैं। उनकी आम जनता के बीच छवि, क्षेत्र में सक्रियता, जनप्रियता और कामकाज के तौर-तरीकों को लेकर गोपनीय ढंग से फीडबैक जुटाया जाया जा रहा है ताकि उच्च नेतृत्व के पास सही रिपोर्ट पहुंचे और यही टिकट वितरण का मुख्य आधार बने।
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दावेदारों में भी मची है होड़

चुनाव में अभी वक्त है लेकिन दावेदारों के बीच अभी से होड़ है। प्रयागराज उत्तरी, प्रयागराज दक्षिणी, प्रयागराज पश्चिमी, फूलपुर, सोरांव, फाफामऊ, हंडिया, प्रतापपुर, बारा, मेजा, करछना और कोरांव विधानसभा सीटों पर टिकट के कई दावेदार अपनी जमीन मजबूत करने और नेतृत्व तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं। कुछ ने तो होर्डिंग, वॉल पेंटिंग आदि भी लगवानी शुरू कर दी है। इस बारे में भाजपा काशी प्रांत उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि पार्टी में सभी को टिकट मांगने का पूरा अधिकार है। सर्वे एक अलग विषय है। हो सकता है कि पार्टी अपने स्तर पर जमीनी आकलन करा रही हो। संगठन लगातार अपना काम कर रहा है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक बाजपेयी का कहना है कि इस तरह के गोपनीय सर्वे पहले भी होते रहे हैं। ये इतने गुप्त होते हैं कि सर्वे करने वाली एजेंसी या टीम के बारे में किसी को भनक तक नहीं लगती।
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