बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी लजर मसीह
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से ताल्लुक रखने वाला बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) का आतंकी लजर मसीह महाकुंभ में हमले के बाद विदेश भागने की फिराक में था। उसने गाजियाबाद से पासपोर्ट के लिए आवेदन भी किया था। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो फर्जी पते से पासपोर्ट बनवाने के लिए आतंकी की दिल्ली के सिंडिकेट से 15 लाख रुपये में डील हुई थी। इसमें से 2.5 लाख रुपये सिंडिकेट को बतौर एडवांस दिए भी जा चुके थे।
महाकुंभ में हमला कर देश को दहलाने की साजिश रचने वाले आतंकी को एक दिन पहले कौशाम्बी में यूपी एसटीएफ व पंजाब पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया था। धरे गए आतंकी से पूछताछ और जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि महाकुंभ में हमला और फिर इसके बाद सुरक्षित देश से निकल भागने के लिए उसने पूर्व में ही प्लानिंग कर ली थी। इसके लिए उसने गाजियाबाद से पासपोर्ट के लिए आवेदन भी कर दिया था, जिसके लिए उसे जनवरी में अप्वाइंटमेंट की तारीख भी मिल गई थी। इसके लिए आतंकी लजर मसीह ने दिल्ली के सिंडिकेट की मदद ली थी, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाने का काम करता है।
हालांकि अप्वाइंटमेंट की तय तारीख से पहले अचानक उसे पंजाब जाना पड़ गया, जिसके चलते वह पंजाब से गाजियाबाद पासपोर्ट ऑफिस नहीं पहुंच सका। यही वजह थी कि उसकी प्लानिंग फेल हो गई। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, जेल भेजे जाने से पहले आतंकी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए 2.5 लाख रुपये सिंडिकेट को बतौर एडवांस दिए थे। शेष राशि पासपोर्ट मिलने के बाद दिया जाना था। आतंकी के धरे जाने के बाद अब जांच एजेंसियां फर्जी पासपोर्ट जारी करने वाले सिंडिकेट की भी पड़ताल में जुटीं हैं।