परीक्षा प्रणाली में बदलाव से चुनौती
अभ्यर्थियों का कहना है कि नए परीक्षा पैटर्न (प्रणाली) से उन्हें अतिरिक्त बोझ महसूस हो रहा है। पहले वे केवल अपने विषय पर केंद्रित होकर तैयारी करते थे। अब सामान्य अध्ययन को भी समान महत्व देना पड़ रहा है। इससे उनकी तैयारी का तरीका बदलना पड़ा है। यह बदलाव उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए कठिन है। वे वर्षों से एक ही विषय की तैयारी कर रहे थे। इस घटना को लेकर युवा मंच के सदस्यों ने शोक व्यक्त किया हैं।
पुरानी नियमावली की मांग और आक्रोश
युवा मंच के अनिल सिंह ने बताया कि 11 जून 2026 से पुरानी नियमावली पर भर्ती की मांग उठाई जा रही है। यह मांग प्रयागराज से लखनऊ तक की जा रही है। 31 अगस्त से अनशन चल रहा है। इस दौरान 9 व 11 सितंबर को पुलिस ने छात्रों के साथ धक्का- मुक्की किया। जबरन धरना स्थल से हटाया गया। आएं दिन पुलिस और छात्रों के बीच कहासुनी होना आम बात हो गई हैं। रात में धरना स्थल से पुलिस हटा देती हैं। उन्होंने कहा कि पुराने पैटर्न (प्रणाली) के आधार पर भी भर्ती चाहते हैं। हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती विज्ञापन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका भविष्य इस प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अनिल सिंह ने अंदेशा जताया कि विजय कुमार की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश भड़क सकता हैं। इसकी जिम्मेदार प्रशासन होगा।