इसी बीच गुलाम और नगर निगम के एक और ठेकेदार चंदन सिंह के बीच विवाद हो गया। चंदन सिंह की सिविल लाइंस में हत्या हो गई। गुलाम को नामजद किया गया और उसे जेल भेज दिया गया। जेल में उसने तमाम अपराधियों से मेलजोल बढ़ाया। जेल से छूटने के बाद उसके तमाम नेताओं से भी संपर्क हो गया। अतीक को जब तक गुजरात नहीं भेजा गया था, उसे अक्सर पेशी पर कचहरी लाया जाता था।
गुलाम उससे मिलने कचहरी पहुंच जाता। इस बीच उसके खिलाफ छोटी मोटी धाराओं में छह मुकदमे दर्ज हुए। उमेश पाल की हत्या के बाद जब लोगों ने उसे गोली मारते देखा तो हक्के-बक्के रह गए। गुलाम अब पुलिस के रडार पर है। प्रदेश में सबसे ज्यादा पांच लाख का जिन लोगों पर इनाम है, उनमें गुलाम और उसके साथी भी शामिल हैं।
2015 में हुई शादी, दो बेटियों का है पिता
गुलाम की शादी 2015 में हुई थी। चंदन हत्याकांड में छूटकर जब वह घर आया, उसके कुछ महीने बाद ही उसकी शादी हुई। गुलाम की एक बेटी पांच साल की है तो दूसरी एक साल की। घर वाले और मुहल्ले वाले सोमवार को यही कह कहकर गुलाम को कोस रहे थे कि उसने न तो अपनी 70 साल की बूढ़ी मां का ख्याल किया तो ना ही अपनी दोनों मासूम बेटियों का। उसकी वजह से परिवार की प्रतिष्ठा और घर मिट्टी में मिल गया।
अखिलेश तथा अन्य सपा नेताओं के साथ फोटो वायरल
मेंहदौरी में सोमवार को गुलाम के घर पर जब बुलडोजर चल रहा था, उसी समय सोशल मीडिया में अखिलेश और अन्य सपा नेताओं के साथ गुलाम की फोटो वायरल हो रही थी। फोटो में गुलाम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बगल में खड़ा दिखाई दे रहा है। इस फोटो में संग्राम यादव, धर्मेंद्र यादव, राम वृक्ष यादव और विश्वविद्यालय छात्रसंघ का पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र यादव समेत कई अन्य नेता भी दिखाई दे रहे हैं।