कोरोना जांच और उसकी रिपोर्ट को लेकर लगातार हो रही दिक्कतों का खामियाजा संक्रमितों को भुगतना पड़ रहा है। कुछ रोज पहले झूंसी के एक परिवार में पाए गए तीन कोरोना संक्रमितों ने होम आइसोलेशन मांगा था लेकिन कई दिनों तक ध्यान ही नहीं दिया गया। आवश्यक दिशा-निर्देश भी नहीं दिए गए। इसी बीच शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की एक और लापरवाही का मामला सामने आया है।
झूंसी के कोरोना संक्रमित एक अधेड़ की मौत के दूसरे दिन परिजनों की कोरोना जांच कराई गई थी। जांच के दस दिन बाद शनिवार को परिजनों को हल्का लेखपाल ने फोन कर बताया कि अधेड़ की बेटी और पत्नी कोरोना संक्रमित है। शाम को एंबुलेंस उनके घर पहुंची और उन्हें शहर के अस्पताल में भर्ती। झूंसी के हवेलिया निवासी अधेड़ की कोरोना से संक्रमित होने के बाद 23 जुलाई को मौत हुई थी।
24 जुलाई को अधेड़ की पत्नी, बेटे और बेटी की कोरोना जांच हुई थी। तब से परिजन रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। दस दिन बाद आज जब उन्हें लेखपाल ने फोन कर बताया कि मां और बेटी कोरोना पाजीटिव हैं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शाम को एंबुलेंस उनके घर पहुंची और मां-बेटी को शहर के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया।