प्रभारी मेलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर अनशन आरंभ, साधु-संत भी समर्थन में उतरे
अनशनकारियों से मेला प्रशासन की वार्ता बेनतीजा
प्रयागराज। प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों की भूमि खाली कराकर धार्मिक-सांस्कृतिक संस्थाओं को आवंटित करने के विरोध में मंगलवार को मेलाधिकारी कैंप कार्यालय पर अनशन आरंभ हो गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद सैकड़ों की तादाद में तीर्थपुरोहित सड़कों पर उतरे और मेला दफ्तर के सामने नारेबाजी की। प्रभारी मेलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्र ने अनशन स्थल पर पहुंचकर वार्ता की लेकिन अनशनकारी मानने के लिए तैयार नहीं हुए। अलबत्ता उन्होंने चेताया कि जबतक उन्हें परंपरागत स्थानों पर बसाने के साथ ही सुविधाएं प्रदान नहीं की जाएंगी, तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
मेला प्रशासन के रवैये से नाराज प्रयागवाल समाज के तीर्थ पुरोहितों ने मंगलवार की सुबह अनशन शुरू कर दिया। अनशन पर बैठे वीरेंद्र तिवारी व दिनकर पांडेय के समर्थन में सैकड़ों तीर्थ पुरोहितों ने मेला दफ्तर के सामने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी तीर्थ पुरोहितों का कहना था कि महावीर मार्ग,अक्षयवट मार्ग, त्रिवेणी मार्ग पर करीब दो सौ से अधिक तीर्थ पुरोहितों को शिविर लगाने के लिए भूमि आवंटित की जाती रही है। इस बार गंगा में कटान के कारण भूमि कम होने पर इन मार्गों पर दूसरी संस्थाओं को तो बसाया जा रहा है, लेकिन तीर्थपुरोहितों को भूमि की उपलब्धता न होने का बहाना बनाकर झूंसी, नागवासुकि की ओर संगम से करीब तीन से पांच किमी दूर बसाया जा रहा है। ऐसे में नियमित संगम स्नान करने वाले कल्पवासियों को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मेला प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया कि इन मार्गों पर भूमि न मिलने से तीर्थ पुरोहितों के साथ कल्पवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उनकी गुहार नहीं सुनी गई। दोपहर बाद तीर्थपुरोहितों के समर्थन में तमाम साधु-संत भी आ गए। अनशन स्थल पर स्वामी माधवानंद, राजेंद्र पालीवाल, राजेश तिवारी, प्रकाश चंद्र मिश्र, संतोष भारद्वाज, अमरनाथ तिवारी, राजेश तिवारी पप्पू तमाम तीर्थ पुरोहितों दिन भर मौजूद थे।
डीएम से मिले तीर्थपुरोहित, मेलाधिकारी को समाधान ढूंढने का निर्देश
प्रयागराज। कड़ाके की ठंड में भूमि व सुविधाओं की मांग को लेकर अनशन पर बैठे तीर्थपुरोहितों की समस्या के समाधान के लिए देर शाम एक प्रतिनिधि मंडल डीएम भानुचंद्र गोस्वामी से मिला। डीएम ने प्रभारी मेलाधिकारी को समाधान का रास्ता निकालने का निर्देश दिया है। इससे पहले अनशन स्थल पर पहुंचे प्रभारी मेलाधिकारी ने आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की। उनका कहना था कि विकल्प की तलाश की जा रही है।