एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सिविल एविएशन से जुड़ी तमाम चुनौतियों पर अपने सुझाव और उसका प्रस्तुतिकरण करने के लिए देश के तमाम तकनीकी संस्थानों के छात्र-छात्राएं इलाहाबाद पहुंच रहे हैं। यहां बम्हरौली स्थित नागर विमानन प्रशिक्षण कालेज में ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथान 2017’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें टेक्नोक्रेट्स को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी तमाम समस्याओं के बारे में अवगत कराया जाएगा। उन समस्याओं पर टेक्नोक्रेट्स 36 घंटे तक उसका समाधान खोज कर प्रस्तुतिकरण देंगे, जो सर्वश्रेष्ठ रहेगा उस टीम को पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इन टेक्नोक्रेट्स से पीएम मोदी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दो अप्रैल की रात रूबरू होंगे।
पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप मुहिम के तहत पिछले साल 29 मंत्रालयों एवं विभागों ने एक साथ आकर 598 समस्याएं 30 लाख तकनीकी छात्र-छात्राओं के समक्ष रखीं। चरणबद्ध तरीकों से देश के अलग-अलग स्थानों पर हुए कंपटीशन के बाद दस हजार तकनीकी छात्र-छात्राएं अंतिम रूप से क्वालिफाई हुए। अब सभी 29 मंत्रालयों एवं विभागों की ओर से 36 घंटे का फिनाले एक और दो अप्रैल को किया जा रहा है। इसमें सिविल एविएशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान इलाहाबाद स्थित एयर पोर्ट आथॉरिटी ऑफ इंडिया के नागर विमानन प्रशिक्षण कालेज में होना है। यहां कुल 60 संस्थाओं के टेक्नोक्रेट्स आ रहे हैं।
प्रशिक्षण कालेज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केशव शर्मा ने बृहस्पतिवार को बताया कि हर एक संस्था की टीम में कुल आठ-आठ सदस्य हैं। इसमें दो मेंटर भी शामिल हैं। यहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी तमाम समस्याओं को उनके सामने एक अप्रैल को रखा जाएगा। इसके बाद 36 घंटे तक ये सभी टेक्नोक्रेट्स इन समस्याओं का समाधान खोज अपना प्रस्तुतिकरण निर्णायक मंडल के सामने पेश करेेंगे। टॉप थ्री प्रतिभागियों को क्रमश: एक लाख, 75 हजार एवं 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सांत्वना पुरस्कार के रूप में दस हजार रुपये भी दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन एक अप्रैल की सुबह 7.30 बजे वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर दिल्ली में करेंगे। उद्घाटन के बाद ही देश के विभिन्न शहरों में मंत्रालय वार यह प्रतियोगिता शुरू हो जाएगी। देश में यह पहला ऐसा आयोजन है जिसमें एक साथ दस हजार टेक्नोक्रेट्स अलग-अलग स्थानों पर प्रतिभाग करेंगे। या यूं कह ले कि ये एक तरह का वर्ल्ड रिकार्ड होगा।
1948 में बम्हरौली में स्थापित भारतीय विमान प्राधिकरण के नागर विमानन प्रशिक्षण कालेज से ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर एवं सिविल एविएशन के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम करने वालों की ट्रेनिंग दी जाती है। इस विश्व स्तरीय संस्थान में सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि सार्क देशों के भी सिविल एविएशन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम करने वाले कर्मचारी ट्रेनिंग के लिए आते हैं।