Prayagraj News : क्रिकेटर यश दयाल के घर पर जुटी बधाई देने वालों भीड़।
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साइकोलॉजी से हैं ग्रेज्युएट
यश दयाल ने साइकोलॉजी में स्नातक किया हुआ है। उन्होंने शुआट्स से पढ़ाई की है। उनका मानना है कि साइकोलॉजी की पढ़ाई का फायदा उन्हें क्रिकेट के मैदान में खूब मिलता है।
कभी मोहल्ले वाले अपने बच्चों को मेरे साथ खेलने नहीं देते थे
यश दयाल ने एक इंटरव्यू में अपनी बचपन की याद ताजा करते हुए कहा था कि एक वह समय था जब मोहल्ले के लोग अपने बच्चों को मेरे साथ खेलने नहीं देते थे। मेरे मां-बाप से आकर शिकायत करते थे कि तुम्हारा बच्चा खुद तो बर्बाद हो ही रहा है मेरे बच्चों को भी अपने साथ खराब कर रहा है। एक आज का दिन है वही लोग अपने बच्चों को मेरे पास कुछ सीखने के लिए भेजने लगे।
दूसरे दिन भी रहा घर पर मिठाई बांटने और पटाखे फोड़ने का दौर
यश दयाल के पिता चंद्रदयाल ने बताया कि जबसे यश दयाल के भारतीय टीम में चयनित होने की सूचना मिली है तबसे ही उनकी नींद उड़ गई है। उनके परिवार में हर किसी की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। यह सपना अकेले यश का नहीं बल्कि परिवार के हर सदस्य का था। ये उनके परिवार का सबसे यादगार लम्हा है। दूसरे दिन भी घर पर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी रहा है। वह घर आने वाले हर शख्श को खुद मिठाइयां खिला रहे हैं।
एसोसिएशन ने भी जताई खुशी
इलाहाबाद क्रिकेट एसोसिएशन भी यश दयाल के भारतीय टीम में चयनित होने खुशी से फूले नहीं समा रहा है। एसोसिएशन के डायरेक्टर ताहिर हसन, आरपी भटनागर, यासिफ हसन, एसडी कौटिल्य, डॉ. सुरेश द्विवेदी, संयुक्त संयोजक अखिलेश त्रिपाठी और सोमेश्वर पांडेय ने यश के खेल की सराहना करते हुए कहा कि वह अपनी मेहनत, लगन और काबिलियत के भरोसे इस मुकाम तक पहुंचा है। एसोसिएशन की ओर से यश को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गई है।
संगमनगरी के चौथे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर
यश दयाल प्रयागराज से निकले चौथे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले भारतीय क्रिकेट टीम में मो. कैफ, ज्योति यादव और ज्ञानेंद्र पांडेय टीम में जगह बना चुके हैं।
बांग्लादेश के दौरे पर दिखाएंगे कमाल
यश दयाल का चयन भारतीय टीम में बांग्लादेश के दौरे के लिए किया गया है। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का यह मुकाबला साल के आखिरी में होगा। दिसंबर में वहां तीन वनडे और दो टेस्ट मैच की सीरीज खेलनी है।
गुजरात टाइंटस को बनाया था चैंपियन
यश दयाल ने इसी साल आईपीएल में डेब्यू करते हुए अपनी टीम गुजरात टाइटंस को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने नौ मैच में कुल 11 विकेट चटकाते हुए खुद के ऊपर नीलामी में लगी 3 करोड़ 20 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि को सही ठहराया था।
मैंने यश पर कभी भी क्रिकेटर बनने का दबाव नहीं डाला, यह खुद उसका सपना था कि वह बड़ा क्रिकेटर बने। मैंने उसके सपने को पूरा करने में उसका साथ दिया। धीरे-धीरे यह यश के सपना पूरे परिवार का सपना बन गया। मैं इस क्षण को कभी भी नहीं भूल सकता, मेरे पास यश की सराहना करने के लिए शब्द ही नहीं हैं। - चंद्रपाल दयाल, पिता
एक बहुत बड़ा सपना पूरा हुआ है। यश ने बचपन से लेकर आज तक मैदान पर इसी दिन के लिए पसीना बहाया था। मेरा बेटा अब देश के लिए अच्छा करे और देश को जीत दिलाए ईश्वर से यही कामना है। - राधा दयाल, मां
यश दयाल के रिकॉर्ड
फर्स्ट क्लास मैच- 17 मैच में 58 विकेट
लिस्ट ए- 14 मैच में 23 विकेट
टी-20- 30 मैच में 29 विकेट