हाईकोर्ट ने कहा है कि शिक्षकों को कार्य दिवस पर मनमाने तरीके से कॉलेज छोड़ने का अधिकार नहीं है। वे जब चाहें, कक्षा छोड़कर नहीं जा सकते हैं। शिक्षक होने के नाते उनका दायित्व बनता है कि वह छात्रों के साथ ही साथ स्वयं भी अनुशासन बनाए रखें। मोदी नगर के मुल्तानीमल मोदी डिग्री कालेज के शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति श्रीनारायण शुक्ल की खंडपीठ ने कहा कि कालेज के प्राचार्य की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों और शिक्षकों, दोनों की उपस्थिति कालेज में सुनिश्चित करे और उसके लिए जरूरी अनुशासनात्मक कदम उठाए।
याचिका में शिक्षकों ने कालेज के प्राचार्य द्वारा सुबह और शाम, दोनों समय उपस्थिति लिए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि दोनों वक्त उपस्थिति दर्ज कराने में शिक्षकों को क्या आपत्ति हो सकती है। शिक्षकों ने ऐसा कोई शासनादेश भी नहीं दिखाया जिसमें यह कहा गया हो कि शिक्षक कक्षा पूरी करने के बाद जब चाहें कालेज छोड़ सकते हैं।