12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन रहेगी। इसकी चयन प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका दाखिल कर कहा गया है कि भर्ती प्रक्रिया में बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली के 15 वें संशोधन का प्रावधान अपनाया जा रहा है जो कि हाईकोर्ट द्वारा रद्द किया जा चुका है। मांग गई है कि चयन प्रक्रिया 12 वें संशोधन के तहत कराई जाए जिसमें टीईटी प्राप्तांक पर चयन करने का नियम है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने कहा है कि चयन प्रक्रिया जारी रहेगी मगर चयन परिणाम इस याचिका पर होने वाले अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।
अधिवक्ता सीमांत सिंह के मुताबिक 12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए 15 दिसंबर 2016 को शासनादेश जारी किया गया। सचिव बेसिक शिक्षा ने 23 दिसंबर 2016 को विज्ञापन जारी किया। विज्ञापन के अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया 15 वें संशोधन के तहत की जानी है अर्थात क्वालिटी प्वाइंट मार्क्स पर। जबकि शिवकुमार पाठक केस में हाईकोर्ट ने 15 वां संशोधन रद्द कर दिया है। यह मामला अभी सुप्रीमकोर्ट के समक्ष विचाराधीन है।
कोर्ट को बताया गया कि 16448 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए भी 15 वें संशोधन केतहत चयन प्रक्रिया अपनाई गई है जिसे लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने नियुक्तियों को याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर किया है। कोर्ट ने 12460 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति में भी चयन प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगाई है मगर कहा है कि नियुक्तियां इस याचिका पर होने वाले निर्णय के अधीन होंगी। प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग से जवाब भी मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।